आरा.
एमएम महिला कॉलेज के एनएसएस यूनिट द्वारा 10 मार्च को कॉलेज परिसर में एचआइवी जागरूकता विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के बीच एचआइवी/एड्स, उसके कारणों, बचाव के उपायों तथा स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एनपी पालित ने अपने स्वागत भाषण में युवाओं के बीच स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता ही एचआइवी/एड्स जैसी बीमारियों से लड़ने के सबसे प्रभावी साधन हैं. उन्होंने छात्राओं को समाज में सही जानकारी फैलाने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के रक्तदान समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित थे. अपने संबोधन में उन्होंने एचआइवी/एड्स के कारण, लक्षण तथा उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने रोग की रोकथाम के लिए जागरूकता, सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार तथा स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर विशेष जोर दिया. साथ ही उन्होंने छात्राओं से एचआइवी/एड्स से जुड़े मिथकों और सामाजिक कलंक को दूर करने तथा एचआइवी से संक्रमित लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया. कार्यक्रम का संचालन एनएसएस यूनिट–I की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ स्मृति चौधुरी ने किया. इस अवसर पर छात्राओं के साथ-साथ कॉलेज के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी भी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने एचआइवी/एड्स से संबंधित अपने प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. डॉ पूर्ति महोर, सहायक प्राध्यापिका, पीजी विभाग, आरा भी इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई. अंत में इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया. उन्होंने मुख्य अतिथि तथा सभी उपस्थित प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की. इस कार्यक्रम में कॉलेज के कई शिक्षक भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ शिल्पा कुमारी, डॉ स्मिता कुमारी, डॉ रुपाली गुप्ता, डॉ राखी सिंह, डॉ विजय यादव, डॉ जुगल प्रसाद, डॉ अमरेश कुमार, डॉ राघवेंद्र बिकास सिंह, डॉ अमरजीत मिश्रा, डॉ अंजू कुमारी, डॉ पूनम, डॉ सरोज, डॉ राजबाला तथा डॉ संगीता शामिल थे.
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