प्रमंडल आयुक्त की आंखों के नीचे चारदीवारी निर्माण पर सवाल, गुणवत्ता से लेकर पारदर्शिता तक उठे प्रश्न
निर्माण स्थल पर अलग-अलग रंग की ईंटों, मसाले में बालू की मात्रा और योजना से जुड़े बोर्ड की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवाल
दरभंगा, 24 अगस्त 2026। प्रमंडल आयुक्त कार्यालय परिसर में चल रहा चारदीवारी निर्माण कार्य अपनी गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवालों के घेरे में है। निर्माण स्थल पर दिखाई दे रही अलग-अलग रंग की ईंटों से लेकर निर्माण में इस्तेमाल हो रहे मसाले और योजना से संबंधित बोर्ड के नहीं होने तक कई सवाल सामने आए हैं। हालांकि, निर्माण की वास्तविक स्थिति तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अलग-अलग रंग की ईंटों को लेकर सवाल
निर्माण स्थल पर एक लाल और दूसरी नारंगी रंग की ईंट इस्तेमाल होती दिखाई दी। दोनों ईंटों की गुणवत्ता अलग-अलग प्रतीत होने की बात सामने आई है। निर्माण में लगाए जा रहे मसाले में बालू की मात्रा अधिक होने और कुछ स्थानों पर गिट्टी अधिक दिखाई देने की बात भी कही जा रही है।

स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, ईंट की वास्तविक गुणवत्ता और मसाले में बालू-सीमेंट के अनुपात की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकती है।
योजना बोर्ड नहीं होने पर भी सवाल
निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड नजर नहीं आया। ऐसे में आम लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि चारदीवारी का निर्माण किस योजना के तहत कराया जा रहा है, इसकी स्वीकृत राशि कितनी है और निर्माण की जिम्मेदारी किस एजेंसी या संवेदक को दी गई है।
मजदूर से पूछे गए योजना और संवेदक से जुड़े सवाल
मीडिया कर्मियों ने मौके पर मौजूद मजदूर से निर्माण कार्य के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। योजना, संवेदक और जेई के बारे में पूछे जाने पर मजदूर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।

बताया गया कि मजदूर ने संवेदक को फोन कर मौके पर मीडिया कर्मियों के पहुंचने की जानकारी दी। फोन पर संवेदक की ओर से “बोला जाने दो” कहे जाने के बाद फोन काट दिया गया। इसके बाद जेई के बारे में भी जानकारी मांगी गई, लेकिन इस संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
एई से संपर्क, आयुक्त के सचिव को दी गई जानकारी
इसके बाद मीडिया कर्मियों ने फोन के माध्यम से एई (सहायक अभियंता) से संपर्क किया और निर्माण कार्य तथा मौके पर उठ रहे सवालों की जानकारी दी। हालांकि, अब तक एई की ओर से कोई स्पष्ट या उचित जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।
मामले को लेकर प्रमंडल आयुक्त से मिलने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उनके व्यस्त रहने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद आयुक्त के सचिव को फोन के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी गई। सचिव की ओर से बताया गया कि मामले को संबंधित विभाग को जांच के लिए कहा जाएगा।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
अब सवाल यह है कि आयुक्त कार्यालय परिसर में चल रहे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। निर्माण में इस्तेमाल हो रही ईंटों और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच हुई है या नहीं और योजना से संबंधित बोर्ड मौके पर क्यों नहीं लगाया गया, इन सवालों का जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल निर्माण कार्य में वास्तविक अनियमितता की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। ईंट की गुणवत्ता, मसाले में बालू-सीमेंट का अनुपात और निर्माण की मजबूती सहित तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। आयुक्त के सचिव की ओर से मामले को संबंधित विभाग को जांच के लिए कहे जाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
⚠️ मुख्य तथ्य
- प्रमंडल आयुक्त कार्यालय परिसर में चारदीवारी निर्माण कार्य चल रहा है।
- निर्माण स्थल पर अलग-अलग रंग की ईंटों को लेकर सवाल उठे हैं।
- मसाले में बालू की मात्रा और कुछ स्थानों पर गिट्टी अधिक दिखाई देने की बात कही गई है।
- निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड नजर नहीं आया।
- एई से निर्माण कार्य को लेकर जानकारी साझा की गई, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है।
- आयुक्त के सचिव ने संबंधित विभाग को जांच के लिए कहने की बात बताई।
- निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
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