दरभंगा में बाढ़ का खतरा नहीं, नदियां खतरे के निशान से नीचे; ADM ने कहा- घबराएं नहीं
11 तटबंधों पर दिन-रात निगरानी, करीब 190 नावों का निबंधन; SDRF का 28-30 सदस्यीय दल मौजूद
दरभंगा, 27 अगस्त 2026। नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने के बाद नदियों में तेज प्रवाह और बिहार में संभावित बाढ़ को लेकर दरभंगा जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। DPRO आशीष अमन के साथ विशेष Facebook Live में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने जिले की वर्तमान स्थिति और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी।
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ADM सलीम अख्तर ने बताया कि ग्लेशियर झील फटने का प्रभाव गंडक नदी से जुड़े कुछ जिलों में आने की बात सामने आई है, लेकिन दरभंगा जिले में फिलहाल इस प्रकार की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने आम लोगों से घबराने के बजाय स्थिति को सामान्य रूप से लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर का कुछ हिस्सा और वैशाली का कुछ हिस्सा इससे प्रभावित होने की बात कही गई है, जबकि दरभंगा इससे अछूता है।
खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं नदियां
दरभंगा की नदियों के जलस्तर को लेकर ADM ने कहा कि जून से अक्टूबर तक लगातार निगरानी की जाती है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर प्रतिदिन नजर रखी जाती है। बागमती और अधवारा समूह की नदियों समेत विभिन्न स्थानों पर जलस्तर की निगरानी हो रही है।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले की सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और जलस्तर नियंत्रण में है। प्रशासन खतरे के निशान के साथ-साथ पूर्व वर्षों में दर्ज उच्चतम प्रवाह स्तर पर भी नजर रख रहा है।
तटबंधों पर दिन-रात निगरानी
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर ADM ने बताया कि जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर जून से अक्टूबर तक लगातार काम किया जाता है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिन के साथ रात में भी पेट्रोलिंग की व्यवस्था है। तटबंधों पर सैंड बैग और जियोबैग रखे जा रहे हैं, जबकि स्लुइस गेट के रखरखाव और पुल-पुलियों के वेंट की साफ-सफाई भी कराई जाती है।
ADM के अनुसार जिले में जल संसाधन विभाग से जुड़ी कुल पांच इकाइयां कार्यरत हैं और कुल 11 तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
NDRF के लिए राज्य स्तर से आश्वासन, SDRF का दल मौजूद
NDRF की टीम फिलहाल दरभंगा में मौजूद नहीं है, लेकिन बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर राज्य स्तर से NDRF उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। वहीं SDRF का करीब 28 से 30 लोगों का एक दल जिले में मौजूद है। यह दल पैठान कवई, मनीगाछी में आवासित है।

ADM ने बताया कि जरूरत के अनुसार SDRF की टीम का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल टीम का एक दल बिरौल में छठ को लेकर भी भेजा गया है और वहां आवासित है।
बाढ़ से पहले निकासी की पूरी योजना
बाढ़ की पूर्व तैयारियों के तहत प्रशासन हर साल अनुदेश पुस्तिका तैयार करता है। इसमें बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने की योजना शामिल रहती है। वृद्ध, दिव्यांगजन और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित निकासी के लिए भी योजना तैयार की जाती है।
करीब 190 नावों का निबंधन, तीन-चार प्रखंडों में परिचालन
ADM ने बताया कि निजी नाव मालिकों से करीब 190 नावों का निबंधन कराया जा चुका है। वर्ष 2024 की बाढ़ के दौरान 137 नावों का संचालन हुआ था। फिलहाल भी तीन-चार प्रखंडों में जरूरत के अनुसार नावों का परिचालन किया जा रहा है, ताकि पानी का बहाव तेज होने पर आवागमन बाधित न हो।
सामान्य से करीब 53 प्रतिशत कम वर्षापात
वर्षा की स्थिति के बारे में ADM ने बताया कि जिले में सामान्य वर्षापात की तुलना में करीब 53 प्रतिशत कम वर्षापात दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल दरभंगा कम वर्षापात वाले जिले में है।
📌 मुख्य बातें
- दरभंगा में फिलहाल ग्लेशियर झील फटने से बाढ़ की संभावना नहीं बताई गई।
- सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं।
- बागमती और अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी।
- जिले के 11 तटबंधों पर दिन-रात निगरानी की जा रही है।
- जल संसाधन विभाग की पांच इकाइयां बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों में लगी हैं।
- SDRF का करीब 28-30 सदस्यीय दल जिले में मौजूद है।
- करीब 190 निजी नावों का निबंधन हो चुका है।
- तीन-चार प्रखंडों में जरूरत के अनुसार नावों का परिचालन जारी है।
- जिले में सामान्य से करीब 53 प्रतिशत कम वर्षापात की जानकारी दी गई।
- ADM ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क और सचेत रहने की अपील की।
ADM की अपील- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
ADM सलीम अख्तर ने कहा कि जिला पदाधिकारी के निर्देशन में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। FCD के इंजीनियर और कर्मी दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क, सचेत और तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन और आम लोग टीम की तरह काम कर उसके प्रभाव को कम करने की कोशिश करेंगे। DPRO आशीष अमन ने भी दरभंगा वासियों से बाढ़ को लेकर प्रशासन की तैयारियों के प्रति आश्वस्त रहने की अपील की।
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