दरभंगा की ऐतिहासिक धरोहरों के कायाकल्प का संकल्प, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर कुमार कपीलेश्वर सिंह का जोर
मंदिरों के जीर्णोद्धार से लेकर सालासर महाराज मंदिर निर्माण की तैयारी तक, बोले—धरोहर किसी एक की नहीं, इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी
दरभंगा, 31 अगस्त 2026। मिथिलांचल और दरभंगा की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों को लेकर दरभंगा राजपरिवार के कुमार कपीलेश्वर सिंह ने संरक्षण और विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को लेकर अपना विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कुमार कपीलेश्वर सिंह के अनुसार, वर्ष 2026 में वे और उनके बड़े भाई TRT Trust के ट्रस्टी बने हैं। उन्होंने कहा कि कई मंदिरों की स्थिति ठीक नहीं थी और उनका संरक्षण भी नहीं हो रहा था। इसके बाद मंदिरों के जीर्णोद्धार की दिशा में काम शुरू किया गया।
📌 मुख्य बातें
- कुमार कपीलेश्वर सिंह ने दरभंगा की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बात कही।
- माता मंदिर से मंदिरों के जीर्णोद्धार की शुरुआत करने की जानकारी दी।
- माधवेश्वर मंदिर, रामबाग स्थित दुर्गा मंदिर और हरि स्थित चंडेश्वर महादेव मंदिर में काम करने की बात कही।
- सालासर महाराज के मंदिर निर्माण की तैयारी आगे बढ़ाने की जानकारी दी।
- मिथिलांचल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
- दरभंगा की धरोहरों के संरक्षण में आम लोगों से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की।
- दरभंगा के खेल मैदान के विकास और वहां आगामी फरवरी में मैच होने की बात भी कही।
🛕 माता मंदिर से शुरू हुआ जीर्णोद्धार का काम
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने बताया कि मंदिरों की स्थिति और संरक्षण को देखते हुए माता मंदिर से जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। इसके बाद अन्य मंदिरों में भी काम आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने बताया कि रुदलेश्वरी और श्यामा मंदिर में भी काम किया गया है। अब माधवेश्वर मंदिर में काम करने की बात उन्होंने कही है।
🏛️ रामबाग और हरि के मंदिरों पर भी काम
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने रामबाग स्थित दुर्गा मंदिर की स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां भी काम करने की बात कही। इसके अलावा हरि स्थित चंडेश्वर महादेव मंदिर में भी काम करने की जानकारी उन्होंने दी।
उन्होंने बताया कि चंडेश्वर महादेव मंदिर में लोगों से मिले प्रेम और अपने किए गए कमिटमेंट के तहत वहां भी काम किया जा रहा है।
🙏 सालासर महाराज मंदिर निर्माण की तैयारी
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने कहा कि वे सालासर महाराज के बड़े भक्त हैं और दरभंगा में सालासर महाराज भगवान के मंदिर का निर्माण करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में बहुत जल्द काम शुरू होगा।

उन्होंने सालासर के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक मंदिर के कारण पूरा सालासर धाम विकसित हुआ और आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं। इसी आधार पर उन्होंने दरभंगा में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं की बात कही।
🌏 धार्मिक पर्यटन से रोजगार की संभावना पर जोर
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने कहा कि मिथिलांचल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की काफी संभावनाएं हैं। उनका कहना है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है और होटल एवं छोटे कारोबार को भी गति मिल सकती है।
उन्होंने दरभंगा और मिथिलांचल में मौजूद मंदिरों और धार्मिक स्थलों को देखते हुए धार्मिक पर्यटन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
📢 आम लोगों से जुड़ने की अपील
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने कहा कि “अकेला आदमी कुछ नहीं कर सकता है।” उन्होंने आम लोगों से इस मुहिम से जुड़ने और सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि धरोहर किसी एक की नहीं है और इन्हें बचाने की जिम्मेदारी सभी की है।
🏏 खेल मैदान को लेकर भी साझा किया विजन
बातचीत के दौरान कुमार कपीलेश्वर सिंह ने दरभंगा के खेल मैदान की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने मैदान को विकसित करने की बात कही थी और अब उस मैदान को तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि मैदान में लाइट और स्वीट लगाने का काम बाकी है। उन्होंने कहा कि आगामी फरवरी में वहां मैच होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग वहां कोई टूर्नामेंट कराना चाहते हैं, वे मैदान में कर सकते हैं।
🏰 किला के संरक्षण की दिशा में भी काम
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने दरभंगा किला को लेकर भी काम किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किला में भी धीरे-धीरे काम किया जा रहा है और सिंह द्वार की तरह किला में भी काम करने की योजना है।
उन्होंने किला से जुड़े अन्य कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दिशा में काम धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है।
🏛️ विरासत बचाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
कुमार कपीलेश्वर सिंह ने लोगों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि दरभंगा की विरासत और धरोहर को संरक्षित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आम लोगों से समर्थन और सहयोग की अपेक्षा जताई।
मंदिरों के जीर्णोद्धार, धार्मिक स्थलों के विकास, धार्मिक पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर उनके द्वारा बताए गए प्रयासों का उद्देश्य दरभंगा और मिथिलांचल की विरासत को बेहतर स्वरूप देने की दिशा में काम करना है।






