राष्ट्रीय पोषण माह 2026: संतुलित आहार और स्वच्छता अपनाने का संदेश, बच्चों-माताओं के पोषण पर जोर
मो. राजिक हुसैन ने कहा—सही पोषण स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव, हर परिवार तक पोषण की सही जानकारी पहुंचाना जरूरी
सिंहवाड़ा, दरभंगा, 2 सितंबर 2026। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर “सही पोषण–स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव” का संदेश देते हुए लोगों से संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने की अपील की गई है। यह जन-जागरूकता संदेश मो. राजिक हुसैन, शिक्षक, रा० म० वि० खुसलपुर निस्ता (कन्या), सिंहवाड़ा, दरभंगा की ओर से जारी किया गया है।
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जागरूकता संदेश में कहा गया है कि पोषण केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है। शरीर, मस्तिष्क और प्रतिरोधक क्षमता के समुचित विकास के लिए संतुलित एवं विविधतापूर्ण आहार जरूरी है। संदेश में स्वस्थ नागरिकों को स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण से जोड़ा गया है।
📌 मुख्य बातें
- राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने की अपील।
- बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए उचित पोषण पर जोर।
- गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने का संदेश।
- किशोर-किशोरियों को पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद और स्वच्छता अपनाने की अपील।
- भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने पर जोर।
- स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी और साफ वातावरण को स्वस्थ जीवन का हिस्सा बनाने की अपील।
- कुपोषण के खिलाफ परिवार, विद्यालय, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक और समाज से मिलकर प्रयास करने का आह्वान।
🥗 संतुलित आहार क्यों जरूरी?
संदेश में भोजन में अनाज, दालें, हरी एवं मौसमी सब्जियां, फल, दूध या अन्य पौष्टिक विकल्प तथा उपलब्ध स्थानीय खाद्य पदार्थों का उचित संतुलन रखने पर जोर दिया गया है। भोजन में विविधता रखने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

लोगों से अपने भोजन में संतुलन और विविधता बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि पोषण को लेकर जागरूकता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सके।
👶 बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान
जागरूकता संदेश में बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए उचित पोषण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार पौष्टिक भोजन देने के साथ उनके भोजन, स्वच्छता, विकास और स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देने की अपील की गई है।
“स्वस्थ बच्चा ही देश का उज्ज्वल भविष्य है।”
🤰 महिलाओं और माताओं के पोषण पर जोर
गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। परिवार से उन्हें पर्याप्त, पौष्टिक और विविध भोजन उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता होने पर स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह लेने की अपील की गई है।
🧒 किशोर-किशोरियों के लिए भी पोषण जरूरी
किशोरावस्था को शरीर और मस्तिष्क के विकास का महत्वपूर्ण चरण बताते हुए पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, स्वच्छता और नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया है।
🧼 स्वच्छता भी पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा
जागरूकता संदेश में कहा गया है कि पौष्टिक भोजन के साथ स्वच्छता भी जरूरी है। लोगों से भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी पीने, भोजन को ढककर रखने, साफ बर्तनों का उपयोग करने और आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने की अपील की गई है।
संदेश में पोषण और स्वच्छता को स्वस्थ जीवन से जोड़ते हुए परिवारों से इन आदतों को नियमित जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया गया है।
🤝 कुपोषण के खिलाफ सामूहिक जागरूकता
कुपोषण से निपटने के लिए परिवार, विद्यालय, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक और पूरा समाज मिलकर प्रयास करें, ऐसा संदेश दिया गया है। हर परिवार तक पोषण की सही जानकारी पहुंचाना सामाजिक जिम्मेदारी बताया गया है।
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर लोगों से पौष्टिक एवं संतुलित भोजन अपनाने, बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने, माताओं एवं किशोर-किशोरियों के पोषण के प्रति जागरूक रहने तथा स्वच्छ पानी और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेने की अपील की गई है।






