डीडीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने स्थानीय अर्थव्यवस्था, कृषि, मखाना, एफपीओ और लघु उद्यमों को बैंकिंग ऋण से जोड़ने पर दिया जोर
दरभंगा, 10 सितंबर 2026। समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री/बैंकिंग समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय सांसद, दरभंगा डॉ. गोपाल जी ठाकुर उपस्थित रहे।
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बैठक में जिले की बैंकिंग व्यवस्था, ऋण प्रवाह, वित्तीय समावेशन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कृषि एवं किसान, मखाना उत्पादक, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, छोटे एवं लघु उद्यमी, युवा उद्यमिता, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण तथा विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, सरल एवं सुगम बैंक ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बैंकिंग ऋण से जोड़ने पर जोर
माननीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि दरभंगा की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मखाना, कृषि आधारित गतिविधियों, एफपीओ, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों तथा नए व्यवसायों को बैंकिंग ऋण से जोड़ना आवश्यक है।

उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों द्वारा ऋण के लिए किए गए आवेदनों का निष्पादन अनावश्यक विलंब के बिना किया जाए तथा बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
उन्होंने बैंक एवं ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क को और मजबूत करने, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने तथा आमजन के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
🏦 जिले में बैंकिंग नेटवर्क
वर्तमान में जिले में सरकारी बैंकों की 264 शाखाएं, 235 एटीएम एवं 1,751 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में लगभग प्रत्येक 10 किलोमीटर की दूरी पर सरकारी बैंक की शाखा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी।
डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पर भी जोर
डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग को देखते हुए आम लोगों को साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की आवश्यकता बताई गई।

माननीय सांसद ने कहा कि बैंक एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके।
सरकारी योजनाओं और ऋण मामलों की समीक्षा
बैठक में पीएम किसान सम्मान निधि योजना, मखाना किसानों को खेती एवं प्रसंस्करण के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता, पीएम स्वनिधि योजना, मुद्रा योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी एवं गरीब हितैषी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
माननीय सांसद ने कहा कि इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में उदासीनता अथवा लापरवाही बरतने वाले बैंकों को चिन्हित किया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।

उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दिलाना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनहित एवं विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी बैंक अधिकारी संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।
सरकारी बैंकों की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की पहल
माननीय सांसद ने सरकारी बैंकों से संबंधित भूमि के सीमांकन एवं उसे अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं का सहज लाभ मिल सके, इसके लिए बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत, व्यापक एवं सुगम बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को केवल जमा एवं ऋण तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनाया जाना चाहिए।
बैठक के माध्यम से जिले में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, ऋण प्रक्रिया में तेजी, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा कृषि, मखाना, स्वरोजगार एवं लघु उद्यमों को संस्थागत वित्त से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया गया।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एलडीएम, नाबार्ड की जिला प्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
🔴 मुख्य बातें
- डीडीसी श्री स्वप्निल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक हुई।
- सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बैठक में बैंकिंग व्यवस्था की समीक्षा की।
- कृषि, मखाना, एफपीओ, स्वरोजगार और लघु उद्यमों को ऋण से जोड़ने पर जोर दिया गया।
- जिले में सरकारी बैंकों की 264 शाखाएं, 235 एटीएम और 1,751 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं।
- ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
- लंबित ऋण आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
- डिजिटल बैंकिंग के साथ साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया।
- सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक ऋण एवं वित्तीय सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।






