शिक्षा विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला, जिलों के आंकड़ों की होगी जमीनी जांच
पटना। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और जिलों से उपलब्ध कराए जा रहे आंकड़ों की सत्यता की जांच को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने मुख्यालय स्तर से पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों का दायित्व सौंपते हुए आंकड़ों एवं प्रतिवेदनों के जमीनी सत्यापन की व्यवस्था की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस संबंध में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार की ओर से सभी निरीक्षी पदाधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। विभाग के अनुसार प्रत्येक सप्ताह सचिव, शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की जाती है।
इन बैठकों में जिलों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न आंकड़ों और प्रतिवेदनों की समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में जिलों से प्राप्त आंकड़ों की पूर्णता और वास्तविक स्थिति का समुचित सत्यापन कराने की आवश्यकता महसूस की गई।
🔎 अब कागजी आंकड़ों की होगी जमीनी जांच
- प्रत्येक जिले के लिए एक-एक निरीक्षी पदाधिकारी नामित।
- शनिवार को संबंधित जिले का दौरा कर सत्यापन करना होगा।
- आंकड़ों और प्रतिवेदनों की वस्तुस्थिति की जांच होगी।
- पूर्ववर्ती बैठक के निर्देशों के अनुरूप प्रगति की समीक्षा होगी।
- सोमवार को अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराना होगा।
हर जिले के लिए नामित होंगे निरीक्षी पदाधिकारी
विभाग ने प्रत्येक जिले के लिए एक-एक निरीक्षी पदाधिकारी नामित किया है। संबंधित पदाधिकारी का दायित्व होगा कि विभागीय बैठक के बाद आगामी शनिवार को संबंधित जिले का दौरा करें और वहां उपलब्ध कराए गए आंकड़ों एवं प्रतिवेदनों की समीक्षा तथा सत्यापन करें।
निरीक्षी पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उपलब्ध कराए गए आंकड़े सही और अद्यतन हैं तथा पिछली विभागीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप अपेक्षित प्रगति हुई है।
वहीं, संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि जिले से शिक्षा विभाग को भेजे जाने वाले सभी आंकड़े पूर्णतः सत्यापित और अद्यतन हों।
समय-सीमा तय, सोमवार को देनी होगी रिपोर्ट
सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन के बाद सोमवार को अनुपालन प्रतिवेदन आईटी मैनेजर, शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना होगा।
जिन पदाधिकारियों को विभाग स्तर से वाहन उपलब्ध नहीं है, उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना से संपर्क कर वाहन प्राप्त करने को कहा गया है।
📋 साप्ताहिक समीक्षा में 14 प्रमुख बिंदु
- शिक्षकों तथा विद्यालय लिपिक एवं परिचारी के वेतन भुगतान।
- शिकायतों के निष्पादन की स्थिति।
- लंबित एसी/डीसी एवं यूसी।
- पिछड़ा-अतिपिछड़ा एवं अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति।
- प्राथमिक निदेशालय से जुड़े लंबित न्यायालय मामले (एलपीए)।
- प्राथमिक शिक्षा की ई-संबंधन रिपोर्ट।
- जन शिक्षा की केआरपी रिपोर्ट।
- सरस्वती विद्या निकेतन से जुड़े विषय।
- मध्याह्न भोजन योजना।
- बीएसईआईडीसी से जुड़े विषय।
- सतर्कता संबंधी प्रतिवेदन।
- एससीईआरटी से जुड़े विषय।
- बीईपी से जुड़े विषय।
37 जिलों में पदाधिकारी किए गए नामित
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार राज्य के कुल 37 जिलों में निरीक्षण एवं सत्यापन के लिए संयुक्त सचिव, विशेष कार्य पदाधिकारी, उप निदेशक, सहायक निदेशक तथा अन्य वरीय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
📍 नामित जिलों की सूची
गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, बक्सर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद, गया, अरवल, रोहतास, पश्चिम चंपारण, मधुबनी, अररिया, वैशाली, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, लखीसराय, पूर्णिया, शेखपुरा, भागलपुर, औरंगाबाद, समस्तीपुर, शिवहर, पटना, खगड़िया, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, जमुई, मुंगेर, दरभंगा, सहरसा, भोजपुर, नवादा, सुपौल, कैमूर, नालंदा एवं बांका।
📌 मुख्य बात:
बिहार शिक्षा विभाग अब जिलों से भेजे जा रहे आंकड़ों और प्रतिवेदनों की पूर्णता एवं वस्तुस्थिति का निरीक्षण स्तर पर सत्यापन कराएगा। 37 जिलों में नामित पदाधिकारी शनिवार को संबंधित जिलों का दौरा करेंगे और सोमवार को अनुपालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
Journalist Rohit | Editor in Chief
© 2026 RxTv BHARAT | BIHAR NATIONAL TRUSTED NEWS NETWORK
केवल सच की बात






