PM Awas Yojana 2.0: कौन उठा सकता है लाभ? क्या है योजना और मोदी सरकार का क्या है आवास का लक्ष्य
शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए घर बनाने, खरीदने या किराये का आवास उपलब्ध कराने की योजना; 1 करोड़ अतिरिक्त परिवारों को कवर करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 यानी PMAY-U 2.0 केंद्र सरकार की ‘Housing for All’ पहल है। यह योजना 1 सितंबर 2024 से शहरी क्षेत्रों में लागू है और अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त 2024 में PMAY-U 2.0 को मंजूरी दी थी। सरकार के अनुसार योजना के तहत शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किफायती दर पर किराये का आवास उपलब्ध कराने के लिए सहायता दी जानी है। योजना के लिए ₹10 लाख करोड़ के निवेश और ₹2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता का प्रावधान बताया गया है।
कौन-कौन उठा सकता है लाभ?
PMAY-U 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले EWS, LIG और MIG परिवार पात्र हो सकते हैं। प्रमुख शर्त यह है कि परिवार के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार EWS परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख तक, LIG परिवार की आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक और MIG परिवार की आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक निर्धारित है।
इसके अलावा जिन परिवारों को पिछले 20 वर्षों में केंद्र सरकार, राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेश सरकार या स्थानीय निकाय की किसी आवास योजना के तहत मकान आवंटित किया जा चुका है, वे PMAY-U 2.0 का लाभ लेने के पात्र नहीं होंगे।
इन लोगों को दी जाएगी प्राथमिकता
योजना के दिशा-निर्देशों में विधवा, एकल महिला, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
इसके साथ ही सफाईकर्मी, PM SVANidhi योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेंडर, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक तथा झुग्गी-झोपड़ी/चॉल में रहने वाले समूहों पर भी विशेष ध्यान देने का प्रावधान है।
क्या है PM Awas Yojana 2.0?
PMAY-U 2.0 को चार प्रमुख वर्टिकल के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इनमें Beneficiary Led Construction यानी BLC, Affordable Housing in Partnership यानी AHP, Affordable Rental Housing यानी ARH और Interest Subsidy Scheme यानी ISS शामिल हैं।
BLC के तहत पात्र लाभार्थी अपने उपलब्ध भूखंड पर घर का निर्माण कर सकते हैं। AHP के तहत साझेदारी मॉडल के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ARH के तहत किफायती किराये के आवास पर जोर है, जबकि ISS के तहत पात्र परिवारों को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी से संबंधित सहायता दी जाती है।
मोदी सरकार का क्या है एजेंडा?
केंद्र सरकार ने PMAY-U 2.0 को ‘Housing for All’ के लक्ष्य से जोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने योजना के जरिए अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्रों के 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित, किफायती और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना में महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में मकान को भी प्राथमिकता दी गई है। अगस्त 2026 में केंद्र सरकार ने बताया कि PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत 1.25 करोड़ से अधिक मकानों में से 1 करोड़ मकान महिलाओं को आवंटित किए गए हैं।
बिहार के लिए क्या है अपडेट?
PMAY-U 2.0 के तहत बिहार भी योजना के कार्यान्वयन वाले राज्यों में शामिल है। केंद्र सरकार की स्वीकृतियों में बिहार के लिए आवास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
📌 मुख्य बातें
- PMAY-U 2.0 शहरी क्षेत्रों के लिए ‘Housing for All’ मिशन है।
- अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त पात्र परिवारों को कवर करने का लक्ष्य है।
- EWS की आय सीमा ₹3 लाख तक है।
- LIG की आय सीमा ₹3 लाख से ₹6 लाख तक है।
- MIG की आय सीमा ₹6 लाख से ₹9 लाख तक है।
- परिवार के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, SC/ST, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता का प्रावधान है।
- योजना में BLC, AHP, ARH और ISS चार प्रमुख वर्टिकल हैं।
- सरकार ने योजना के लिए ₹10 लाख करोड़ के निवेश और ₹2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता का प्रावधान बताया है।
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