रोटरी जिला साक्षरता सेमिनार में 100% साक्षरता के लक्ष्य पर हुआ मंथन
बिहार और झारखंड के करीब 150 रोटेरियन ने लिया हिस्सा, शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की निरंतरता पर चर्चा
📌 खबर की बड़ी बातें
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!- जमशेदपुर में रोटरी डिस्ट्रिक्ट लिटरेसी सेमिनार का आयोजन हुआ।
- बिहार और झारखंड से लगभग 150 रोटेरियन ने भाग लिया।
- 100% साक्षरता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों की निरंतरता पर मंथन हुआ।
जमशेदपुर, 27 सितंबर 2026। जमशेदपुर में आयोजित रोटरी डिस्ट्रिक्ट लिटरेसी सेमिनार में बिहार एवं झारखंड से लगभग 150 रोटेरियन ने हिस्सा लिया। सेमिनार में साक्षरता की वर्तमान स्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों में बच्चों की निरंतरता और साक्षरता बढ़ाने में रोटरी की भूमिका पर विस्तार से मंथन किया गया।

कार्यक्रम में रोटेरियन डॉ. गौरी शंकर झा, डिस्ट्रिक्ट लिटरेसी चेयर, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 ने “Purpose of Jigyasa” तथा “Rotary’s Role in Literacy” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बिहार एवं झारखंड में अपेक्षाकृत कम साक्षरता दर के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए समाधान के लिए सामुदायिक भागीदारी, बच्चों की शिक्षा में निरंतरता, मातृ साक्षरता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक रोटेरियन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर दिया।
डॉ. झा ने मिजोरम मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार एवं झारखंड की साक्षरता दर राष्ट्रीय स्तर की तुलना में पीछे है, जबकि मिजोरम की साक्षरता दर राष्ट्रीय स्तर से अधिक है। उन्होंने कहा कि मिजोरम की उपलब्धियों और सामुदायिक भागीदारी के मॉडल का अध्ययन कर बिहार एवं झारखंड की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी रणनीति विकसित की जा सकती है।

उन्होंने 100 प्रतिशत साक्षरता का सपना देखने और इसके लिए कार्य करने की अपील की। डॉ. झा ने कहा कि यदि रोटरी इंटरनेशनल दुनिया से पोलियो जैसी बीमारी के उन्मूलन का सपना देख सकता है और उसके लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास कर सकता है, तो रोटरी 100 प्रतिशत साक्षरता का सपना भी देख सकता है। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत साक्षर विश्व का सपना देखना और उसके लिए कार्य करना रोटरी की अगली बड़ी वैश्विक पहल बन सकती है।
उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल आंकड़ों में सुधार का विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने, उसे विद्यालय में बनाए रखने तथा परिवार और समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने का अभियान है।
डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन अनु नारंग ने अपने संबोधन में TEACH की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में रोटरी की विभिन्न गतिविधियों और पहलों की जानकारी देते हुए रोटेरियन से इस क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
सेमिनार के प्रारंभ में रोटेरियन विशाल त्रेहन, अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ डालमा, जमशेदपुर ने स्वागत संबोधन किया। कार्यक्रम में रोटेरियन विजयम कथा (पुणे) ने “Teachers as Nation Builders”, श्री बिस्वदेब दास गुप्ता ने “Psychometric Testing & Career Counselling”, श्री मनदीप सिंह भाटिया ने “AI in Education” और डॉ. वी. मुरली मनोहर ने “From Jigyasa to Adhyayan” विषय पर विचार रखे। रोटेरियन अमित, अध्यक्ष, रोटरी क्लब ऑफ चाईबासा सहित अन्य वक्ताओं ने भी साक्षरता एवं शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
सेमिनार के दौरान Shaping Future Award में भाग लेने वाले विभिन्न रोटरी क्लबों के अध्यक्षों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

साक्षरता के क्षेत्र में रोटरी क्लबों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए नौ रोटरी क्लबों के चयनित Literacy Projects का प्रदर्शन किया गया। इनमें रोटरी क्लब जमशेदपुर फेमिना, गया सिटी, बिहार शरीफ, जमशेदपुर वेस्ट, मुजफ्फरपुर, स्टील सिटी तथा बक्सर सहित अन्य क्लबों के प्रोजेक्ट शामिल थे।
प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन ज्यूरी द्वारा किया गया। मूल्यांकन के आधार पर प्रथम स्थान रोटरी क्लब जमशेदपुर वेस्ट, द्वितीय स्थान रोटरी क्लब गया सिटी और तृतीय स्थान रोटरी क्लब बिहार शरीफ को मिला। तीनों विजेता क्लबों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन पीडीजी प्रतिम बनर्जी ने किया। विभिन्न वक्ताओं एवं आयोजकों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। सेमिनार में बिहार एवं झारखंड के रोटेरियन ने साक्षरता के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने, बच्चों की शिक्षा बीच में न छूटने देने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के संदेश के रूप में कहा गया—“हर बच्चा पढ़े, हर परिवार सीखे और हर समाज साक्षर बने — रोटरी के साथ 100% साक्षरता की ओर।”
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