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📅 25 जुलाई 2026 |🏷️ नई दिल्ली | 📰 राष्ट्रीय
एक महीने के छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर आंदोलन की सबसे बड़ी मांग पूरी

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह घटनाक्रम पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सामने आया। आंदोलन का केंद्र बिंदु NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग रही। विभिन्न समाचार संस्थानों ने शनिवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की।

फोटो: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री को लिखा इस्तीफा पत्र
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा से हुई। परीक्षा में लगभग 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए, जिसके बाद परीक्षा रद्द की गई, जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई तथा 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
इस बीच कई छात्रों की मौत और कथित आत्महत्या की घटनाओं को लेकर देशभर में आक्रोश बढ़ा। प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे तथा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बनी।
इसी दौरान अभिजीत दीपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। 6 जून को जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन हुआ, जबकि 20 जून से आंदोलन अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजा तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग शामिल रही।
28 जून को आंदोलन को नया समर्थन तब मिला, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसके बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिलने लगा। 20 जुलाई को “संसद चलो” मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला।
24 जुलाई को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच दूसरी दौर की वार्ता हुई। विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बावजूद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सहमति नहीं बन सकी। आंदोलनकारियों ने इसे अपनी प्रमुख और गैर-समझौतावादी मांग बताया।
शनिवार, 25 जुलाई 2026 को तीसरे दौर की वार्ता से पहले धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा सार्वजनिक किया और प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र की जानकारी साझा की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है तथा देश के युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ जंतर-मंतर आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग पूरी हो गई। हालांकि परीक्षा प्रणाली में सुधार, NTA की जवाबदेही तथा अन्य मांगों पर आगे क्या निर्णय होगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
📌 मुख्य बातें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपा।
- NEET-UG विवाद के बाद एक महीने से छात्र आंदोलन जारी था।
- जंतर-मंतर आंदोलन की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी।
- CBI जांच और दोबारा परीक्षा के बाद भी आंदोलन जारी रहा।
- इस्तीफे के बाद परीक्षा सुधार और NTA की जवाबदेही के मुद्दे अभी बाकी हैं।
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