66 करोड़ के ROB से जुड़ने वाली 1.5 KM सड़क का 470 करोड़ का टेंडर, अमरनाथ गामी ने उठाए सवाल
पूर्व विधायक ने प्रस्तावित सड़क की लागत और संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की
दरभंगा। पूर्व विधायक, हायाघाट दरभंगा, अमरनाथ गामी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दरभंगा शहर में प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क के टेंडर की लागत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 66 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पंडासराय रेल ओवर ब्रिज (ROB) से जुड़ने वाली मात्र 1.5 किलोमीटर टू-लेन संपर्क सड़क का टेंडर 470 करोड़ रुपये में निकाला गया है।
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अमरनाथ गामी के अनुसार, दरभंगा शहर में पंडासराय रेल ओवर ब्रिज का निर्माण 66 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है और यह अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने दावा किया कि इसी आरओबी को जोड़ने वाली एलिवेटेड सड़क की करीब 1.5 किलोमीटर टू-लेन संपर्क पथ के लिए 470 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है।
उन्होंने टेंडर का विवरण देते हुए बताया कि BSRDC Ltd. 5105/2026-2883, दिनांक 11 अगस्त 2026 के तहत इसकी अनुमानित लागत 470.08 करोड़ रुपये बताई गई है। गामी ने इसी लागत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि 14 किलोमीटर फोरलेन सड़क की लागत करीब 900 करोड़ रुपये यानी लगभग 64 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर बैठती है, जबकि 1.5 किलोमीटर टू-लेन सड़क की अनुमानित लागत 470 करोड़ रुपये होने पर यह करीब 313 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर होती है।
गामी ने कहा कि दोनों लागतों की तुलना करने पर प्रस्तावित सड़क की प्रति किलोमीटर लागत करीब पांच गुना अधिक दिखाई देती है। उन्होंने इस अनुमान पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों द्वारा तैयार डीपीआर की प्रक्रिया पर भी गंभीर टिप्पणी की और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पूर्व विधायक ने सड़क के प्रस्तावित मार्ग को लेकर भी सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह सड़क लहेरियासराय टावर से समाहरणालय के बीच अति संवेदनशील क्षेत्र से होकर प्रस्तावित है। उनके अनुसार, इस मार्ग के आम रास्ते के रूप में विकसित होने से कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
अमरनाथ गामी ने ऐसे संस्थानों में समाहरणालय, जिला न्यायालय, मंडल कारा, नेहरू स्टेडियम, आईजी कार्यालय, आयुक्त कार्यालय, डीएम आवास, एसएसपी कार्यालय, सर्किट हाउस, वीआईपी आवास, पुलिस लाइन और कोषागार का उल्लेख किया है।
उन्होंने अपने बयान में Model Prison Manual 2016, NBC 2016, Bihar Police Manual 1978 और MoRTH Circular 2018 का हवाला देते हुए दावा किया कि संवेदनशील क्षेत्रों के पास इस प्रकार के आम रास्ते को लेकर सुरक्षा संबंधी प्रावधान हैं।
गामी ने यह भी कहा कि जीरो माइल पर आमस एक्सप्रेस-वे, दरभंगा-रोसड़ा फोरलेन और एकमी-NH-57 बाईपास जैसे वैकल्पिक मार्ग पहले से उपलब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि पंडासराय से टावर तक 80 फीट सड़क का चौड़ीकरण करीब 20 से 30 करोड़ रुपये में संभव है।
पूर्व विधायक अमरनाथ गामी ने सरकार से मामले में शीघ्र संज्ञान लेने और 470 करोड़ रुपये के प्रस्तावित टेंडर की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
🔴 मुख्य बातें
- अमरनाथ गामी ने 470.08 करोड़ रुपये के टेंडर पर सवाल उठाए।
- प्रस्तावित सड़क की लंबाई करीब 1.5 किलोमीटर बताई गई है।
- पंडासराय ROB की लागत 66 करोड़ रुपये बताई गई है।
- प्रस्तावित मार्ग को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठाए गए।
- गामी ने सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
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