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बिहार में शिक्षा सुधार को लेकर बड़ा आदेश, अब हर प्रखंड में मासिक गुरु गोष्ठी अनिवार्य
🖋️ रिपोर्ट: जॉर्नलिस्ट रोहित | ब्यूरो बिहार | RxTv BHARAT

📌 मुख्य बातें
- प्रखंड स्तर पर हर माह मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन अनिवार्य।
- सभी प्रधानाध्यापकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक होगी।
- विद्यालयों के प्रदर्शन, गुणवत्ता और अनुश्रवण पर जोर।
- SMC, PTM और निपुण भारत कार्यक्रम की समीक्षा अनिवार्य।
- कार्य योजना, जवाबदेही और समयबद्ध सुधार पर फोकस।
पटना, 01 जून 2026। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) द्वारा राज्य में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत और सख्त निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत अब प्रत्येक जिले में प्रखंड स्तर पर मासिक गुरु गोष्ठी (बैठक) का आयोजन अनिवार्य कर दिया गया है।
📊 शिक्षा गुणवत्ता सुधार की बड़ी पहल
शिक्षा विभाग का उद्देश्य स्पष्ट है—सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और जमीनी स्तर पर शिक्षकों की कार्यप्रणाली को मजबूत करना। इसी को ध्यान में रखते हुए हर प्रखंड में एक निर्धारित तिथि पर सभी प्रधानाध्यापकों की बैठक कराई जाएगी।
इस बैठक में विद्यालयों की गतिविधियों का अनुश्रवण (Monitoring), कक्षा-कक्ष अवलोकन, छात्रों की सीखने की स्थिति और शिक्षण पद्धति पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
📌 बैठक की संरचना और प्रक्रिया
जारी दिशा-निर्देश में बैठक की पूरी रूपरेखा तय की गई है, जिसमें इसे चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है—
👉 शुरुआत में सभी प्रतिभागियों का स्वागत, परिचय और बैठक के नियम तय किए जाएंगे।
👉 प्रेरक प्रसंग या गतिविधि से सकारात्मक माहौल बनाया जाएगा।
👉 विद्यालयों की प्रगति रिपोर्ट और अवलोकन साझा किए जाएंगे।
👉 उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति और चुनौतियों पर सामूहिक चर्चा होगी।
👉 अंत में अगले महीने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
📚 शिक्षकों की भूमिका पर जोर
बैठक में सभी प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालयों की मासिक कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि स्कूलों में हो रहे सुधार कार्यों की नियमित रिपोर्टिंग की जाएगी।
SMC (स्कूल प्रबंधन समिति), PTM (अभिभावक-शिक्षक बैठक) और निपुण भारत अभियान की प्रगति पर भी विशेष चर्चा होगी ताकि छात्रों की बुनियादी शिक्षा मजबूत हो सके।
⚖️ सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग जिला और प्रखंड स्तर पर की जाएगी। BEO और जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि बैठक नियमित रूप से आयोजित हो और उसकी रिपोर्ट समय पर अपलोड की जाए।
बैठक का खर्च समग्र शिक्षा योजना के तहत BRC मद से वहन किया जाएगा, जिससे इसकी निरंतरता बनी रहे।
📈 शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियमित बैठकों से जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा। शिक्षकों के बीच संवाद बढ़ेगा और छात्रों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी विद्यालयों को अधिक प्रभावी बनाकर निजी स्कूलों के स्तर तक लाया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत किया जाए।
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