LNMU में MSU का प्रदर्शन, 17 सूत्री मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं, छात्रहित के मुद्दों तथा 17 सूत्री मांगों को लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) द्वारा गुरुवार को प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व विश्वविद्यालय अध्यक्ष गौतम झा ने किया। बहुउद्देश्यीय भवन से शुरू हुआ प्रदर्शन विभिन्न नारों के साथ LNMU परिसर पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं MSU के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित में ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर छात्रहित से जुड़े नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने छात्र संघ चुनाव, इंटर्नशिप, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता एवं जवाबदेही, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, आधारभूत सुविधाओं सहित MSU की 17 सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया।
📌 मुख्य बातें
- 17 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन।
- चुनाव और इंटर्नशिप पर वार्ता हुई।
- इंटर्नशिप निःशुल्क करने की बात सामने आई।
प्रदर्शन के उपरांत MSU के प्रतिनिधिमंडल एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई। वार्ता में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र संघ चुनाव 25 से 28 नवंबर के बीच कराने की बात कही गई। वहीं, छात्रों के लिए इंटर्नशिप को बिल्कुल निःशुल्क किए जाने की बात भी सामने आई। MSU ने स्पष्ट किया कि इन विषयों पर केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन को लिए गए निर्णयों को धरातल पर लागू करना होगा।
MSU के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण ने कहा कि संगठन का मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में छात्रों को किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनावश्यक शुल्क, बिचौलियापन अथवा भ्रष्टाचार का सामना न करना पड़े, इसके लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में स्पष्ट प्रक्रिया, समयबद्ध समाधान और शिकायतों के निपटारे की प्रभावी व्यवस्था विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि MSU लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाता रहा है। संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाना और छात्रों को उनका अधिकार दिलाना है। 17 सूत्री मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई वार्ता को आगे की प्रक्रिया की शुरुआत बताते हुए उन्होंने कहा कि अब मांगों के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
वार्ता एवं प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण, अमन सक्सेना, नवीन साहनी, आनंद पासवान एवं मुस्कान मेहता मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र संघ चुनाव, इंटर्नशिप, शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र सुविधाओं, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता एवं प्रशासनिक जवाबदेही सहित 17 सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
MSU ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लंबे समय से लंबित छात्र लोकतंत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। चुनाव की तिथि को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 25 से 28 नवंबर के बीच चुनाव कराने की बात कही गई है। संगठन ने मांग की कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए, ताकि छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल सके।

इसी तरह इंटर्नशिप को लेकर छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। MSU ने मांग की कि विश्वविद्यालय स्तर पर इंटर्नशिप की प्रक्रिया छात्रों के लिए सरल, पारदर्शी एवं निःशुल्क हो तथा इसके नाम पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक राशि की वसूली नहीं की जाए।
प्रदर्शन में MSU के वरिष्ठ नेताओं एवं विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर रौशन मैथिल, अविनाश भारद्वाज, गोपाल चौधरी, उदय नारायण, अमित कुमार ठाकुर, सागर नवदिया, दरभंगा जिला अध्यक्ष अभिषेक यादव, झंझारपुर जिला अध्यक्ष कुन्दन भारती, मधुबनी जिला अध्यक्ष शशि अजय झा, समस्तीपुर अध्यक्ष अभिषेक राज, रचना झा, प्रियंका मिश्रा, मुस्कान मेहता सहित दर्जनों छात्र नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
MSU नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवनों और कार्यालयों का समूह नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा शैक्षणिक संस्थान है। इसलिए विश्वविद्यालय में निर्णय लेने की प्रक्रिया में छात्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। संगठन ने कहा कि 17 सूत्री मांगों में शामिल प्रत्येक विषय पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन से है।
MSU ने यह भी स्पष्ट किया कि वार्ता के दौरान सामने आए निर्णयों एवं आश्वासनों के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि मांगों को निर्धारित समयसीमा में लागू नहीं किया गया, तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
MSU ने दोहराया कि भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी, जवाबदेह और छात्रहितैषी विश्वविद्यालय का निर्माण संगठन की प्राथमिकता है।
इस आंदोलन में प्रिया, वर्षा, स्नेहा, सोनी,रजनीश प्रियेदर्शी, आशीष देव,अमन,अमृता,प्रशांत,रजनीश,गोपाल, आदर्श, शिवम्,प्रशांत, विक्की, शुभम, मनीषा,अमित, धीरज,नितीश,घनश्याम,पिंटू,प्रतिक,संतोष,रौनक, सत्यम,सूरज,हिमांशु,विश्वनाथ,सिराज,रत्न,मिहिर,नवीन,अमित, जुगनू, रमेश,आनंद,आलोक, शिवम्,शाहिल समेत हजारों छात्र-छात्रा शामिल थे।





