बिहार शिक्षक ट्रांसफर 2026: 31 अगस्त से खुलेगा पोर्टल, 72,800 शिक्षकों के आवेदन पर होगी कार्रवाई
5 सितंबर तक दस्तावेजों की प्रारंभिक समीक्षा, 6 से 9 सितंबर तक विसंगतियों के निराकरण का मौका, 10 से 14 सितंबर तक अंतिम सूची होगी प्रकाशित
पटना, 29 अगस्त 2026। बिहार में सरकारी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की ओर से जारी पत्र में “बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुपालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई स्थानांतरण नियमावली का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है।
पत्र के अनुसार शिक्षक स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष (E-Shikshakosh) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी।
31 अगस्त से खुलेगा पोर्टल
शिक्षा विभाग के पत्र के अनुसार समानुपातिकरण/समायोजन की अनुवर्ती कार्रवाई के लिए 31 अगस्त 2026 से पोर्टल खोला जाएगा।
इस चरण में पहले से प्राप्त आवेदनों और शिक्षकों द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बताया गया है कि 29 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक विद्यालयवार एवं निर्धारित मानक के अनुसार चिन्हित अधिशेष शिक्षकों को कमी वाले विद्यालयों में पदस्थापन के लिए विकल्प देने का अवसर दिया गया था।
इस अवधि में राज्यभर से लगभग 72,800 अधिशेष शिक्षकों द्वारा समानुपातिकरण/स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। इसी दौरान पारस्परिक स्थानांतरण के लिए भी आवेदन प्राप्त हुए हैं।
तीन चरणों में होगा शिक्षक स्थानांतरण
“बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026” के तहत स्थानांतरण की प्रक्रिया को मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरा किया जाना है।
- पहला चरण — समानुपातिकरण (Rationalization): अधिशेष शिक्षकों को शिक्षक-विहीन या कमी वाले विद्यालयों में पदस्थापित किया जाएगा।
- दूसरा चरण — पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer): दो शिक्षकों की आपसी सहमति के आधार पर नियमानुसार स्थानांतरण होगा।
- तीसरा चरण — सामान्य स्थानांतरण (General Transfer): शेष पात्र शिक्षकों का उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सामान्य स्थानांतरण किया जाएगा।
5 सितंबर तक होगी दस्तावेजों की प्रारंभिक समीक्षा
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि 5 सितंबर 2026 तक वरीयता अंक से संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक समीक्षा पूरी करते हुए औपबंधिक स्थानांतरण सूची प्रकाशित की जाए।
पोर्टल पर शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रविष्टियों एवं दस्तावेजों की समिति द्वारा प्रारंभिक समीक्षा की जाएगी। संबंधित दस्तावेज को Valid या Not Valid करने की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी।
इसके बाद सॉफ्टवेयर द्वारा शिक्षक का स्थानांतरण अंक स्वतः निर्धारित किया जाएगा।
Transfer Score से होगा विद्यालय आवंटन
यदि किसी विद्यालय या पद के लिए केवल एक पात्र शिक्षक का विकल्प प्राप्त होता है, तो पोर्टल के माध्यम से उस शिक्षक का संबंधित विद्यालय में स्थानांतरण/पदस्थापन किया जाएगा।
वहीं, यदि किसी विद्यालय या पद के लिए एक से अधिक पात्र शिक्षकों के आवेदन प्राप्त होते हैं तो सर्वाधिक Transfer Score वाले शिक्षक को प्राथमिकता दी जाएगी।
नियमावली के अनुसार स्थानांतरण अंक तीन प्रमुख घटकों को जोड़कर तैयार होंगे:
- पदस्थापन स्थल अंक
- सेवा अंक
- वरीयता अंक
पदस्थापन स्थल अंक एवं सेवा अंक शिक्षक के प्रोफाइल में दर्ज जानकारी के आधार पर निर्धारित होंगे, जबकि वरीयता अंक आवेदन में दी गई प्रविष्टियों के आधार पर पोर्टल द्वारा Auto-generated किए जाएंगे।
6 से 9 सितंबर तक विसंगतियों पर आपत्ति
औपबंधिक स्थानांतरण सूची प्रकाशित होने के बाद यदि किसी शिक्षक को सूची में कोई विसंगति दिखाई देती है तो उसे पोर्टल के माध्यम से इंगित किया जा सकेगा।
इसके लिए 6 से 9 सितंबर 2026 तक संबंधित शिक्षकों को उपलब्ध ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करने का अवसर दिया जाएगा।
प्राप्त आपत्तियों एवं विसंगतियों की संबंधित स्थापना समिति द्वारा समीक्षा कर उनका नियमानुसार निराकरण किया जाएगा।
10 से 14 सितंबर तक अंतिम सूची
विभागीय पत्र के अनुसार 10 से 14 सितंबर 2026 के बीच स्थानांतरण सूची को अंतिम रूप देकर पोर्टल के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा।
इसी अवधि में पारस्परिक स्थानांतरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद संबंधित शिक्षकों के Login ID पर स्थानांतरण से संबंधित जानकारी प्रदर्शित होगी।
प्रमंडलीय संवर्ग के शिक्षकों को पहले जिला आवंटन
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रमंडलीय संवर्ग के सहायक शिक्षकों के लिए इस चरण में केवल जिला का आवंटन किया जा सकेगा।
इसी प्रकार अंतर-जिला एवं अंतर-प्रमंडल के लिए दिए गए विकल्प और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर राज्य स्थापना समिति/प्रमंडल स्थापना समिति द्वारा इस चरण में जिला या प्रमंडल का आवंटन किया जाएगा।
जिला या प्रमंडल आवंटित होने के बाद संबंधित शिक्षकों को विद्यालय चयन का विकल्प सामान्य स्थानांतरण के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा।
तीन स्तरों पर काम करेंगी स्थापना समितियां
स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नियमावली के तहत तीन स्तरों पर स्थापना समितियों का प्रावधान किया गया है।
- जिला स्तर: जिला पदाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में जिला स्थापना समिति।
- प्रमंडल स्तर: प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में प्रमंडलीय स्थापना समिति।
- राज्य स्तर: निदेशक, प्राथमिक शिक्षा एवं निदेशक, माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में राज्य स्थापना समिति।
शिक्षा विभाग ने अधिकारियों से इन समितियों के पूर्ण गठन की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आवश्यक सदस्यों के मनोनयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है।
E-Shikshakosh Portal से पूरी होगी प्रक्रिया
नई नियमावली के अनुसार शिक्षक स्थानांतरण एवं पदस्थापन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से E-Shikshakosh Portal के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया जाएगा।
औपबंधिक सूची से लेकर आपत्तियों के निराकरण, विद्यालय/जिला आवंटन, अंतिम सूची के प्रकाशन और आगे की प्रक्रिया तक पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
समिति की कार्यवाही भी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। कार्यवाही OTP के माध्यम से अपलोड किए जाने के बाद संबंधित शिक्षकों के Login ID पर अंतिम स्थानांतरण सूची प्रदर्शित होगी।
Joining भी ऑनलाइन प्रक्रिया से
अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद शिक्षकों के विद्यालय में पदस्थापन एवं Joining की प्रक्रिया भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी किए जाने की बात पत्र में कही गई है।
जिला पदाधिकारी एवं प्रमंडलीय आयुक्त को पोर्टल से संबंधित User ID एवं Password अलग से उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी दी गई है।
📌 मुख्य बातें
- 31 अगस्त 2026: समानुपातिकरण/समायोजन की अनुवर्ती कार्रवाई के लिए पोर्टल खुलेगा।
- लगभग 72,800: अधिशेष शिक्षकों ने समानुपातिकरण/स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है।
- 5 सितंबर: वरीयता अंक से संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक समीक्षा और औपबंधिक सूची।
- 6–9 सितंबर: औपबंधिक सूची में विसंगतियों के निराकरण के लिए अवसर।
- 10–14 सितंबर: अंतिम स्थानांतरण सूची का प्रकाशन।
- इसी अवधि में पारस्परिक स्थानांतरण की कार्रवाई भी होगी।
- एक पद के लिए कई पात्र अभ्यर्थियों में सर्वाधिक Transfer Score वाले शिक्षक को प्राथमिकता मिलेगी।
- स्थानांतरण अंक में पदस्थापन स्थल अंक + सेवा अंक + वरीयता अंक शामिल होंगे।
- पूरी प्रक्रिया E-Shikshakosh Portal के माध्यम से ऑनलाइन होगी।
- प्रमंडलीय संवर्ग में इस चरण में जिला आवंटन और अंतर-जिला/अंतर-प्रमंडल मामलों में जिला/प्रमंडल आवंटन की प्रक्रिया होगी।
- विद्यालय चयन का विकल्प सामान्य स्थानांतरण के दौरान उपलब्ध होगा।
⚠️ शिक्षकों के लिए जरूरी सलाह
शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने E-Shikshakosh प्रोफाइल में दर्ज जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें और आवेदन में दी गई प्रविष्टियों एवं संबंधित दस्तावेजों की स्थिति पर नजर रखें।
औपबंधिक स्थानांतरण सूची जारी होने के बाद शिक्षक अपने Login के माध्यम से आवंटन की जानकारी देखें और यदि कोई वास्तविक विसंगति हो तो निर्धारित अवधि के भीतर पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से उसे दर्ज करें।
स्थानांतरण से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए शिक्षा विभाग एवं E-Shikshakosh के आधिकारिक निर्देशों को प्राथमिकता दें।



