जनसुनवाई में पहुंचा स्वर्ण इंडिया का मामला, फरियादी ने जमा राशि वापसी और जांच की उठाई मांग
दरभंगा, 21 सितंबर 2026। समाहरणालय स्थित उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जन-सुनवाई एवं समाधान कार्यक्रम में स्वर्ण इंडिया मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड से जुड़े अभिकर्ता एवं जमाकर्ता भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। फरियादी ने संस्था पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता और जमाकर्ताओं की राशि वापस नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

बिहार सरकार के ‘निश्चय पार्ट–3 : सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जन-सुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इसी दौरान स्वर्ण इंडिया से जुड़े फरियादी ने अपनी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखी।
📋 2009 से राशि जमा कराने का आवेदन में दावा
फरियादी की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, स्वर्ण इंडिया की दरभंगा शाखा में वर्ष 2009 से ग्राहकों से एफडी, आरडी, एमआईएस आदि योजनाओं के तहत राशि जमा कराई जाती थी। आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2017-18 तक जमा राशि और ब्याज का भुगतान किया जा रहा था, लेकिन वर्ष 2018 में दरभंगा शाखा बंद हो गई। इसके बाद मुजफ्फरपुर स्थित मुख्य कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां भी कार्यालय बंद मिलने का दावा किया गया है।
💰 4 से 5 करोड़ रुपये से संबंधित आरोप
आवेदन में दरभंगा शाखा के माध्यम से करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित ठगी का आरोप लगाया गया है। फरियादी ने संस्था से जुड़े पदाधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमा राशि का कथित तौर पर निजी हितों में इस्तेमाल किया गया।

🛡️ अभिकर्ताओं और परिवार की सुरक्षा की मांग
फरियादी ने खुद को और अन्य अभिकर्ताओं को भी पीड़ित बताते हुए कहा है कि ग्राहकों की राशि वापस नहीं होने के कारण अभिकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में अभिकर्ताओं को धमकी दिए जाने और मारपीट के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही अभिकर्ताओं और उनके परिवार की सुरक्षा की मांग की गई है।
⚖️ कांड संख्या 244/20 का भी उल्लेख
आवेदन में नगर थाना, दरभंगा कांड संख्या 244/20 का भी उल्लेख किया गया है। फरियादी के अनुसार मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज है तथा मामला न्यायालय में लंबित है।
🏛️ जनसुनवाई में अधिकारियों ने सुनी समस्याएं
जन-सुनवाई कार्यक्रम में डीडीसी ने विभिन्न प्रखंडों से आए परिवादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कई मामलों में दूरभाष के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
⚠️ महत्वपूर्ण
स्वर्ण इंडिया मामले में लगाए गए वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी, राशि के दुरुपयोग और धमकी से संबंधित आरोप फरियादी के आवेदन में दर्ज हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या अंतिम सत्यापन जांच/न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
📌 मुख्य बातें
- स्वर्ण इंडिया से जुड़े अभिकर्ता एवं जमाकर्ता जनसुनवाई में पहुंचे।
- जमा राशि वापस नहीं होने और कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई।
- आवेदन में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये से संबंधित ठगी का आरोप लगाया गया।
- संस्था से जुड़े पदाधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों की जांच की मांग की गई।
- अभिकर्ताओं और उनके परिवार की सुरक्षा की भी मांग रखी गई।
- आवेदन में नगर थाना कांड संख्या 244/20 का उल्लेख किया गया।
- आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या अंतिम सत्यापन जांच/न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।






