औरंगाबाद में मध्याह्न भोजन का डाटा नहीं भरने पर प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर समय से छात्र उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर कार्रवाई, आगे भी लापरवाही हुई तो निलंबन की चेतावनी
औरंगाबाद: जिले में मध्याह्न भोजन योजना की ऑनलाइन निगरानी में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से लाभान्वित छात्रों की संख्या समय पर दर्ज नहीं करने वाले प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों का सितंबर 2026 का वेतन स्थगित कर दिया गया है।
- ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डाटा समय पर दर्ज नहीं किया गया
- संबंधित प्रधानाध्यापकों का सितंबर 2026 का वेतन स्थगित
- हर कार्य दिवस सुबह 11 बजे तक डाटा दर्ज करना अनिवार्य
- 5 सितंबर को दोपहर 2:47 बजे तक डाटा दर्ज नहीं मिला
- आगे लापरवाही पर निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी
क्या है पूरा मामला?
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, पीएम पोषण योजना के तहत सभी विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया था कि प्रत्येक कार्य दिवस में छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से लाभान्वित छात्रों की संख्या पूर्वाह्न 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करें।
विभाग के मुताबिक विद्यालय प्रधानों को इस संबंध में पहले ही निर्देशित किया जा चुका था। इसके बावजूद 5 सितंबर 2026 को समीक्षा के दौरान दोपहर 2:47 बजे तक संबंधित आंकड़े पोर्टल पर दर्ज नहीं पाए गए।
विभाग ने इसे निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की है।
💰 सितंबर का वेतन स्थगित
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने संबंधित सभी प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों का सितंबर 2026 माह का वेतन स्थगित करने का आदेश दिया है।
⚠️ अगली गलती पर निलंबन की कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्रवाई केवल वेतन स्थगित करने तक सीमित नहीं रहेगी। यदि आगामी कार्य दिवसों में भी सुबह 11 बजे तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से लाभान्वित छात्रों की संख्या दर्ज नहीं की गई, तो संबंधित प्रधानाध्यापकों के निलंबन के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
किन विद्यालयों पर लागू होगा आदेश?
यह कार्रवाई जिले की संबंधित सूची में शामिल सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर लागू होगी।
आदेश की सूचना संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के साथ-साथ पीएम पोषण योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी और स्थापना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को भी दी गई है।
डिजिटल रिपोर्टिंग पर विभाग का सख्त संदेश
औरंगाबाद शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी और ऑनलाइन रिपोर्टिंग में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर निर्धारित समय में डाटा दर्ज नहीं करने पर वेतन स्थगन जैसी कार्रवाई हो सकती है और लगातार लापरवाही पर निलंबन की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।
विभाग के इस कदम से विद्यालय प्रधानों के बीच साफ संदेश गया है कि छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से जुड़े आंकड़ों की समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग को अब गंभीरता से लेना होगा।





