बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
एमडी रजीक हुसैन ने माता-पिता और अभिभावकों से बच्चों को पढ़ने, सीखने और सपनों को पूरा करने का अवसर देने की अपील की
📌 खबर की बड़ी बातें
- बाल विवाह को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य के लिए चुनौती बताया गया।
- माता-पिता से बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की अपील।
- लोगों से संकल्प लेने की अपील—न बाल विवाह करेंगे, न होने देंगे।
दरभंगा। बाल विवाह को बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य के लिए चुनौती बताते हुए एमडी रजीक हुसैन, शिक्षक, मध्य विद्यालय रसूलपुर निस्ता गर्ल्स, सिंहवाड़ा, दरभंगा ने जनता के नाम विशेष संदेश जारी किया है।
बच्चों को दें पढ़ने और सपने पूरा करने का अवसर
उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की कि बच्चों का कम उम्र में विवाह करने के बजाय उन्हें पढ़ने, सीखने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दें। विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मिलकर चलाना होगा जागरूकता अभियान
संदेश में शिक्षकों, विद्यालयों, पंचायत, समुदाय, प्रशासन और नागरिक समाज से मिलकर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई है। किसी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर कानून अपने हाथ में लेने के बजाय स्थानीय प्रशासन, बाल संरक्षण तंत्र या संबंधित सक्षम अधिकारी को सूचना देने की बात कही गई है।
‘न बाल विवाह करेंगे, न होने देंगे’
संदेश में लोगों से संकल्प लेने की अपील की गई है—न बाल विवाह करेंगे, न होने देंगे। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे तथा बेटियों और बेटों को समान अवसर और सम्मान देंगे।
“हर बच्चा पढ़े, सुरक्षित रहे और अपने सपनों को पूरा करे—यही बाल विवाह मुक्त भारत की पहचान है।”
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