जनता दरबार में फिर पहुंचा विद्यालय की अनियमितताओं का मामला, एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
दरभंगा/केवटी। आम जनता से संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित जिलाधिकारी के जनता दरबार में केवटी प्रखंड के मझिगामा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय से जुड़ी शिकायत एक बार फिर सामने आई। मझिगामा पंचायत के ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन में विद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितता, छात्र उपस्थिति में गड़बड़ी और मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितता सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि करीब एक महीने पहले भी इस मामले को लेकर आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में विद्यालय के प्रधान शिक्षक फिरोज आलम और प्रभारी शिक्षक सुनील कुमार भारती समेत संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आवेदन पर मझिगामा पंचायत के समसा गांव समेत आसपास के ग्रामीणों के हस्ताक्षर होने की बात कही गई है।
186 छात्रों की उपस्थिति, मौके पर 13 बच्चे होने का दावा
आवेदन में ग्रामीणों ने दावा किया है कि 10 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9 बजे विद्यालय का निरीक्षण किए जाने के दौरान उपस्थिति रजिस्टर में करीब 186 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 13 बच्चे उपस्थित मिले।
ग्रामीणों ने उपस्थिति रजिस्टर और विद्यालय में मौजूद विद्यार्थियों की संख्या में कथित अंतर की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने इसे छात्र उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से जुड़ी योजनाओं में संभावित अनियमितता का संकेत बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ड्यूटी के दौरान शिक्षक के सोने का आरोप
शिकायत में प्रभारी शिक्षक सुनील कुमार भारती पर ड्यूटी के दौरान सोने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है और इसे शिकायत के साथ संलग्न किया गया है।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षक पूर्व में वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में निलंबित रह चुके हैं। इस संबंध में भी शिकायतकर्ताओं ने दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है।
MDM के मेन्यू को लेकर भी शिकायत
ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन योजना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आवेदन के अनुसार, विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने और शुक्रवार को मिलने वाले भोजन को भी नियमित रूप से नहीं दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि मामले की जांच केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि विद्यालय में वास्तविक स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर की जानी चाहिए।
प्रधान शिक्षक पर लंबे समय से पदस्थापित रहने और मनमानी का आरोप
आवेदन में प्रधान शिक्षक फिरोज आलम के करीब 10 वर्षों से इसी विद्यालय में पदस्थापित होने का दावा किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी कार्यशैली के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
आकस्मिक अवकाश और उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड में भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा विद्यालय में सरस्वती पूजा नहीं होने देने का आरोप भी आवेदन में लगाया गया है।
संरक्षण मिलने का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक अपने प्रभाव और विभागीय स्तर पर परिचय का हवाला देते हुए कार्रवाई नहीं होने की बात कहते हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूर्व में भी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, इन आरोपों और कथित संरक्षण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप
आवेदन में ग्रामीणों ने प्रभारी शिक्षक पर शिकायत करने वालों को धमकी देने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वित्तीय अनियमितता, छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और पढ़ाई को लेकर सवाल पूछे जाने पर कथित तौर पर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
पुराने दस्तावेजों में भी विद्यालय की जांच का उल्लेख
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शिकायतकर्ताओं की ओर से पुराने विभागीय दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। उपलब्ध दस्तावेज में जिला शिक्षा पदाधिकारी, दरभंगा कार्यालय की ओर से एक पुराने शिकायत आवेदन के संदर्भ में जांच कराए जाने का उल्लेख है।
दस्तावेज के अनुसार, तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्य शिक्षा) सह जांच पदाधिकारी महेश प्रसाद सिंह ने राजकीय मध्य विद्यालय मझिगामा का औचक निरीक्षण किया था। रिपोर्ट में विद्यालय में छात्रों की अनुपस्थिति, मध्याह्न भोजन से संबंधित पंजी उपलब्ध नहीं होने, विद्यालय शिक्षा समिति के गठन और सचिव के चयन समेत कई बिंदुओं पर सवाल दर्ज किए गए थे।
पुराने जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से बताई गई थी।
पुराने रिकॉर्ड का संदर्भ
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतें नई नहीं हैं और पूर्व में भी विभागीय स्तर पर जांच हो चुकी है। अब वर्ष 2026 में सामने आए नए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है।
यानी, ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं और पुराने समय में भी विभागीय जांच हो चुकी है। अब वे चाहते हैं कि वर्ष 2026 में सामने आए नए आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
जनता दरबार में दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र उच्चस्तरीय टीम से स्थलीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार शिक्षक, संबंधित कर्मियों और अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तथा सरकारी राशि में गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली की मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य इस मामले से सीधे जुड़ा है, इसलिए जांच जल्द कराकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
महत्वपूर्ण पक्ष
फिलहाल, आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रधान शिक्षक, प्रभारी शिक्षक अथवा शिक्षा विभाग का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। आरोपों की वास्तविकता विभागीय जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही विद्यालय से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की मुख्य बातें
- मझिगामा राजकीय मध्य विद्यालय से जुड़ी शिकायत जनता दरबार में पहुंची।
- ग्रामीणों ने वित्तीय अनियमितता और छात्र उपस्थिति में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
- 10 अगस्त 2026 को 186 छात्रों की उपस्थिति दर्ज होने और मौके पर 13 बच्चे मिलने का दावा।
- MDM के निर्धारित मेन्यू को लेकर भी शिकायत।
- शिक्षकों की कार्यशैली और पुराने विभागीय रिकॉर्ड को लेकर जांच की मांग।
- पूर्व में भी विभागीय जांच होने का दस्तावेजों के आधार पर दावा।
- ग्रामीणों ने निष्पक्ष उच्चस्तरीय स्थलीय जांच की मांग की।
- आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच और पक्षों के जवाब के बाद ही होगी।
Related News
दरभंगा जिले की अन्य शिक्षा एवं प्रशासनिक खबरों के लिए RxTv BHARAT से जुड़े रहें।
दरभंगा और बिहार की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरों के लिए हमारे WhatsApp Group से जुड़ें।
केवल सच की बात
© 2026 RxTv BHARAT. All Rights Reserved.






