मॉडल स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर डीएम की सख्ती, लाइव क्लास से स्मार्ट क्लास तक दिए निर्देश
साप्ताहिक परीक्षा, लैब इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर जोर
दरभंगा, 27 अगस्त 2026। जिले के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के संचालन और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने समीक्षा बैठक की। समाहरणालय स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित बैठक में जिले के सभी मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा की गई।
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बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर सहित शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी और जिले के सभी सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मॉडल विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के साथ आवश्यक आधारभूत संरचना, शैक्षणिक उपकरण और अन्य सुविधाओं का आकलन कर उनकी पूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

लाइव क्लास और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने लाइव क्लास के संचालन की तैयारियों की समीक्षा की और सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा। उन्होंने स्मार्ट क्लासरूम को बेहतर एवं प्रभावी तरीके से विकसित करने तथा डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। साथ ही विद्यालयों के लैब इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ और उपयोगी बनाए रखने का निर्देश दिया।
विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी ने साप्ताहिक परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित परीक्षा और मूल्यांकन से विद्यार्थियों की विषयवार प्रगति का पता चलेगा और जरूरत के अनुसार उन्हें शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा।

विद्यालयों में साफ-सफाई और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित और विद्यार्थियों के अनुकूल होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों के समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था करने तथा उन्हें नई शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी माध्यमों से अवगत कराने पर भी बल दिया।
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उपस्थिति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। शिक्षकों को अपने विषय और कक्षा के लिए व्यवस्थित नोटबुक एवं शैक्षणिक अभिलेख तैयार रखने का भी निर्देश दिया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने के लिए निबंध, चित्रकला और भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने को कहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समारोह आयोजित कर पुरस्कृत एवं सम्मानित करने का निर्देश भी दिया गया।
मॉडल स्कूलों के नियमित अनुश्रवण और निरीक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के लिए आदेश निर्गत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए तथा निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
‘बिहार विद्या साथी’ एप के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन और इंटरैक्टिव शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने विद्यालय स्तर पर जरूरी तकनीकी व्यवस्था करने और विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरूक करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन देने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूलों के अधिक से अधिक विद्यार्थी आईआईटी एवं नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करें, जिससे विद्यालय की पहचान मजबूत होगी और अन्य विद्यार्थी भी इन विद्यालयों में नामांकन के लिए प्रेरित होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) को जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारी और प्रधानाध्यापक समन्वित रूप से कार्य करें। विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सभी सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का सुव्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया।
📌 मुख्य बातें
- डीएम कौशल कुमार ने मॉडल स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की।
- लाइव क्लास और स्मार्ट क्लासरूम को मजबूत करने का निर्देश।
- विद्यार्थियों की प्रगति के लिए साप्ताहिक परीक्षा पर जोर।
- लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश।
- नियमित उपस्थिति और अभिभावकों के साथ बैठक पर जोर।
- ‘बिहार विद्या साथी’ एप की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी का निर्देश।
- आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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