राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक
अधिक से अधिक मुकदमों के निपटारे पर जोर, 11 सितंबर तक सभी नोटिसों के शत-प्रतिशत तामिला का निर्देश
दरभंगा। शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के निपटारे को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा श्री अजय कुमार शर्मा ने न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की।

बैठक में श्री अजय कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी तरह के मामलों को संवेदनशीलता के साथ पक्षकारों और अधिकारियों के समन्वय से निष्पादित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पूर्व से सुलहनामा दाखिल शमनीय मुकदमों को विशेष रूप से चयनित कर संबंधित अधिवक्ताओं से सार्थक बातचीत करते हुए मामलों को निपटारे के लिए तैयार करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिकारियों से मामलों के निष्पादन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने तथा बेहतर परिणाम हासिल करने की बात कही। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए सभी हितधारकों से सहयोग लेने का निर्देश दिया।
दूसरी ओर, पक्षकारों को जारी नोटिसों के शत-प्रतिशत तामिला को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जुनैद आलम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों के साथ समीक्षात्मक बैठक की।

बैठक में अब तक तामिल कराए गए नोटिसों का ब्यौरा लिया गया। सीजेएम श्री जुनैद आलम ने 11 सितंबर तक सभी नोटिसों को पक्षकारों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि अंतिम तीन दिनों में सभी लोग मिलकर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने का प्रयास करें, ताकि निष्पादन के मामले में जिले को अव्वल स्थान प्राप्त हो सके। उन्होंने न्यायालय कर्मियों के साथ भी बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
🔴 मुख्य बातें
- राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के निपटारे पर जोर।
- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की।
- सुलहनामा दाखिल शमनीय मुकदमों को विशेष रूप से चयनित करने का निर्देश।
- मामलों के निष्पादन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया।
- 11 सितंबर तक सभी नोटिसों के शत-प्रतिशत तामिला का निर्देश।
- अंतिम तीन दिनों में सभी हितधारकों से समन्वय कर लोक अदालत को सफल बनाने पर जोर।






