रिश्वतखोरी पर प्रहार निगरानी ब्यूरो सफल कोर्ट ने सुनाई सजा

- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार को बड़ी कानूनी सफलता
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध
- एक वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना को भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है।
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा आरोपी को 1,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।इस मामले की जांच तत्कालीन अनुसंधानकर्ता पुलिस उपाधीक्षक द्वारा की गई, जबकि बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने प्रभावी पैरवी करते हुएआरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध कराया।
न्यायालय ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माना तथा धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) में भी एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2026 में यह भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायालय द्वारा दी गई पहली सजा बताई जा रही है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


