🚨 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: “तारीख पे तारीख” पर सख्त गाइडलाइंस
Legal Aid Cases में देरी खत्म करने के लिए नई SOP लागू

RxTv BHARAT | नई दिल्ली | Legal Update
देश में लंबे समय से चल रही “तारीख पे तारीख” की समस्या को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है 👇
अब खासकर लीगल एड (मुफ्त कानूनी सहायता) से जुड़े मामलों में देरी पर सख्ती दिखाई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने एक डिटेल्ड SOP (Standard Operating Procedure) जारी कर केस फाइलिंग और सुनवाई की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं।
✔ डिजिटल प्लेटफॉर्म से केस ट्रैकिंग
✔ देरी पर जवाबदेही तय
✔ सभी हाई कोर्ट को नए निर्देश

⚡ मामला क्या है?
यह मामला “शंकर महंतो बनाम बिहार राज्य” से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि लीगल एड से जुड़े मामलों में अपील और SLP फाइल करने में काफी देरी हो रही है।
📊 क्यों होती थी देरी?
👉 केस ट्रैक करने के लिए कोई सिस्टम नहीं
👉 वकीलों को समय पर सूचना नहीं मिलती थी
👉 दस्तावेजों के ट्रांसलेशन और ट्रांसमिशन में देरी
👉 प्रशासनिक समन्वय की कमी
📌 नई गाइडलाइंस क्या हैं?
👉 केस को कैटेगरी में बांटा गया (High Priority, Medium, Normal)
👉 हाई प्रायोरिटी केस (Death Sentence, Life Imprisonment) में सख्त टाइमलाइन
👉 15 दिनों में कंसेंट और ट्रांसलेटर नियुक्त करना अनिवार्य
👉 डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का आदेश (NIC को जिम्मेदारी)
👉 सभी हाई कोर्ट में मॉनिटरिंग कमेटी बनेगी
⚖️ संवैधानिक आधार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्री लीगल एड देना सरकार की जिम्मेदारी है, जो अनुच्छेद 39A और अनुच्छेद 21 से जुड़ा है।
हर व्यक्ति को समय पर न्याय मिलना उसका अधिकार है।
📢 कोर्ट का सख्त संदेश
👉 SOP में दी गई टाइमलाइन अब बाइंडिंग होगी
👉 देरी होने पर कारण बताना जरूरी होगा
👉 सभी हाई कोर्ट और लीगल सर्विस अथॉरिटी को निर्देश लागू करने होंगे
👉 अब “तारीख पे तारीख” नहीं—समय पर मिलेगा न्याय!




