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दरभंगा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर कार्यशाला, जनप्रतिनिधियों को दी गई विस्तृत जानकारी
स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरी वातावरण के निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने लिया सक्रिय सहयोग का संकल्प
🔹 मुख्य बातें
- दरभंगा ऑडिटोरियम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित।
- सभी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी की।
- कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं डिजिटल निगरानी पर विस्तृत चर्चा।
- स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान, जनप्रतिनिधियों ने सहयोग का संकल्प लिया।
दरभंगा, 23 जून 2026 : दरभंगा जिले के सभी शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दरभंगा ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नए नियमों के प्रावधानों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा नगर निकायों की जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में दरभंगा नगर निगम की महापौर श्रीमती अंजुम आरा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही जिले के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति, उपसभापति, वार्ड पार्षद एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा
कार्यशाला के दौरान उप नगर आयुक्त डॉ. जय चंद्र अकेला ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, चार डिब्बा प्रणाली, थोक कचरा उत्पादकों (BWG) की जिम्मेदारियां, उपयोगकर्ता शुल्क, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR), डिजिटल ट्रैकिंग एवं निगरानी प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

इसके अलावा सफाई मित्रों की सुरक्षा, सर्कुलर इकोनॉमी, लीगेसी वेस्ट प्रबंधन तथा जीरो लैंडफिल लक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई।
महत्वपूर्ण जानकारी :
कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों को बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और नागरिकों की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।
जनप्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव और सुझाव
कार्यशाला के दौरान विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित स्वच्छता अभियानों, घर-घर कचरा संग्रहण, जागरूकता कार्यक्रमों तथा कचरा पृथक्करण से जुड़े अनुभव साझा किए। साथ ही व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता संबंधी योजनाओं की सफलता के लिए आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
महापौर ने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान
महापौर श्रीमती अंजुम आरा ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपने-अपने वार्डों एवं नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि यदि नागरिकों को जागरूक करें और स्वच्छता अभियान को लगातार बढ़ावा दें तो शहरों को अधिक स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सकता है।
स्वच्छ शहरों के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता जागरूकता के प्रसार तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरी वातावरण के निर्माण हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया।
उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला को उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप बताते हुए इसकी सराहना की।
स्वच्छ शहर और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नागरिकों, नगर निकायों एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है।
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