रैयाम चीनी मिल परिसर में गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत कृषक प्रशिक्षण आयोजित
लगभग 350 गन्ना उत्पादक किसानों को उन्नत गन्ना खेती की तकनीक की दी गई जानकारी
जिलाधिकारी एवं विधायक ने कार्यालय संचालन हेतु भवन की चाभी सौंपी
दरभंगा, 09 सितंबर 2026। राज्य योजना अंतर्गत गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम (2026-27) के तहत आज रैयाम चीनी मिल परिसर स्थित निरीक्षण भवन, प्रखंड–केवटी, जिला–दरभंगा में लगभग 350 गन्ना उत्पादक कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के साथ ही गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल के संयुक्त कार्यालय संचालन हेतु निरीक्षण भवन की चाभी हस्तांतरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिक द्वारा किसानों को गन्ने की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का चयन एवं बीज उपचार, सिंचाई प्रबंधन, खाद एवं उर्वरक का संतुलित प्रयोग तथा कीट एवं रोग नियंत्रण से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर गन्ने की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील
सहायक निदेशक, ईख विकास द्वारा किसानों को गन्ना उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना एवं यंत्रीकरण योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन करने तथा गन्ना पंजीकरण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन क्षेत्र के विस्तार तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने से गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान इंडियन पोटाश लिमिटेड के केन हेड/प्रतिनिधि श्री विनोद कुमार तिवारी ने रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों की स्थापना को लेकर कंपनी द्वारा की जा रही तैयारियों के संबंध में किसानों को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों को गन्ना उत्पादन एवं चीनी मिल संचालन का व्यापक अनुभव है। कंपनी द्वारा किसानों को उन्नत तकनीक के माध्यम से गन्ने की खेती के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र में गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा उत्तर प्रदेश में छह, गुजरात में तीन तथा ओडिशा में दो चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बिहार में भी रैयाम एवं सकरी में चीनी मिलों के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों को वर्ष 2028 तक गन्ने के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के साथ चालू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मिलों के संचालन के लिए लगभग 50 लाख क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होगी, जिसके लिए करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती आवश्यक होगी।
उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में बीज हेतु गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगले वर्ष लगभग 25,000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती का विस्तार किया जा सके।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार एवं दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री राजेश कुमार मंडल द्वारा गन्ना उद्योग विभाग एवं मिल प्रतिनिधि को संयुक्त कार्यालय संचालन हेतु रैयाम चीनी मिल परिसर स्थित निरीक्षण भवन की चाभी हस्तांतरित की गई।
इस भवन का उपयोग गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल के कार्यालय के रूप में किया जाएगा। कार्यालय के संचालन से क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न विभागीय कार्यों, पंजीकरण, योजनाओं एवं गन्ना उत्पादन से संबंधित आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने कहा कि रैयाम एवं सकरी चीनी मिल का शिलान्यास शीघ्र होने वाला है। उन्होंने कहा कि बिहार कैबिनेट द्वारा इंडियन पोटाश लिमिटेड को रैयाम एवं सकरी चीनी मिल से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि रैयाम में गन्ना कार्यालय के संचालन के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री विनोद कुमार तिवारी को चाभी प्रदान की गई है। कार्यालय के संचालन से किसानों को गन्ना उत्पादन एवं मिल से संबंधित कार्यों के निष्पादन में स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी।

जिलाधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करें और उन्नत कृषि तकनीक को अपनाकर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि गन्ना किसानों की सुविधा एवं गन्ने को चीनी मिल तक आसानी से पहुंचाने के उद्देश्य से क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण एवं आवश्यक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे गन्ने के परिवहन में सुविधा होगी और किसानों को अपनी उपज मिल तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं चीनी मिल प्रतिनिधियों ने कहा कि रैयाम में कार्यालय के संचालन से किसानों को गन्ना पंजीकरण, विभागीय योजनाओं, क्षेत्र विस्तार, यंत्रीकरण तथा गन्ना उत्पादन से संबंधित तकनीकी जानकारी एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता सुश्री कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी, दरभंगा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, दरभंगा, ईख पदाधिकारी, दरभंगा, कृषि विज्ञान केंद्र, जाले के वरीय वैज्ञानिकगण, इंडियन पोटाश लिमिटेड के केन हेड एवं प्रतिनिधि श्री विनोद कुमार तिवारी, स्थानीय मुखिया, पैक्स अध्यक्ष सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित थे।
🔴 मुख्य बातें
- रैयाम चीनी मिल परिसर में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित हुआ।
- लगभग 350 गन्ना उत्पादक किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
- उन्नत गन्ना खेती और वैज्ञानिक कृषि तकनीक की जानकारी दी गई।
- बीज चयन, बीज उपचार, सिंचाई, खाद एवं उर्वरक तथा कीट-रोग नियंत्रण पर प्रशिक्षण दिया गया।
- गन्ना क्षेत्र विस्तार एवं यंत्रीकरण योजना की जानकारी दी गई।
- रैयाम में गन्ना उद्योग विभाग एवं चीनी मिल के संयुक्त कार्यालय के लिए भवन की चाभी सौंपी गई।
- किसानों को गन्ना पंजीकरण और विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की गई।
- रैयाम एवं सकरी चीनी मिलों के संचालन की तैयारियों की जानकारी दी गई।
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