दरभंगा में 1 लाख से अधिक जीविका दीदियां बनीं ‘लखपति दीदी’, आत्मनिर्भरता की नई मिसाल
जीविका से सशक्त हुईं महिलाएं, हुनर और मेहनत से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
दरभंगा | 07 मार्च 2026 | RxTv BHARAT
दरभंगा जिले में जीविका कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी सफलता सामने आई है। जिले में 1 लाख से अधिक जीविका दीदियां “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
लखपति दीदी वह स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होती हैं जिनकी सालाना पारिवारिक आय 1 लाख रुपये या उससे अधिक होती है और जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक लगातार बनी रहती है।
जीविका से महिलाओं को मिली नई पहचान
जीविका के सहयोग से महिलाएं कृषि, पशुपालन, सब्जी उत्पादन, किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, पापड़, मसाला, अगरबत्ती निर्माण, मिथिला पेंटिंग, हस्तकला तथा अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे समाज में आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में अपनी पहचान भी बना रही हैं।
कौशल विकास से बढ़ रही आय
लखपति दीदी पहल के तहत महिलाओं को कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता और विभिन्न आजीविका योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप दरभंगा जिले की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
सफलता की प्रेरक कहानियां
बहादुरपुर प्रखंड के गायत्री उत्पादक समूह की पूनम कुमारी मिथिला पेंटिंग के माध्यम से लगभग 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
हनुमाननगर प्रखंड की अंजलि देवी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं और इससे उनकी मासिक आय 20 से 25 हजार रुपये तक हो रही है।
डीएमसीएच अस्पताल में संचालित जीविका दीदी की रसोई में कार्यरत अंजलि कुमारी लगभग 15 हजार रुपये मासिक आय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
बेनीपुर प्रखंड की फुल देवी ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभ लेकर सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है और वे 20 हजार रुपये से अधिक मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
इसी प्रखंड की रिंकू देवी खाद-बीज के व्यापार के साथ ‘दीदी की नर्सरी’ संचालित कर रही हैं और उनकी औसत आय 50 हजार रुपये से अधिक है।
बहेरी प्रखंड की बबीता देवी जो कभी दो वक्त के भोजन के लिए संघर्ष करती थीं, आज सफल उद्यमी बनकर 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
हायाघाट प्रखंड की पूनम कुमारी दीदी अधिकार केंद्र में समन्वयक के रूप में कार्य करते हुए न केवल खुद की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं को उनके सामाजिक और कानूनी अधिकार दिलाने में भी मदद कर रही हैं।
केवटी प्रखंड की मीना देवी ने आइसक्रीम का व्यवसाय शुरू किया है। आज उनके माध्यम से 20 से अधिक ठेलों के जरिए आइसक्रीम का रिटेल व्यापार हो रहा है और वे लाखों रुपये की मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास जारी
डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि जीविका के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लखपति दीदी पहल के तहत महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जो दीदियां अभी लखपति दीदी की श्रेणी में नहीं आ पाई हैं, उन्हें भी आसान ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर सशक्त बनाया जा रहा है ताकि वे भी जल्द ही इस श्रेणी में शामिल हो सकें।
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