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पुरानी पेंशन और संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने निकाली रैली
दरभंगा। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की सामान्य परिषद के निर्णय के आलोक में सोमवार को दरभंगा जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया। प्रदर्शन के माध्यम से पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ठेका, संविदा, आउटसोर्सिंग एवं पीपीपी आधारित व्यवस्था को समाप्त कर कर्मियों को नियमित करने सहित कुल 31 सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया।

पोलो मैदान से समाहरणालय तक निकली रैली
प्रदर्शन पोलो मैदान से प्रारंभ होकर आयुक्त कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, आईजी कार्यालय, निबंधन कार्यालय होते हुए लहेरियासराय क्षेत्र से टावर का भ्रमण करते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा। यहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को मुख्य सचिव, बिहार सरकार के नाम संबोधित 31 सूत्री मांग-पत्र सौंपा गया।
रिक्त पदों पर नियुक्ति और संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग
महासंघ की जिलाध्यक्ष शांति देवी की अध्यक्षता में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जिला मंत्री फूल कुमार झा ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी पद रिक्त हैं। इसके बावजूद विभिन्न विभागों में ठेका, संविदा, आउटसोर्सिंग एवं पीपीपी आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से कार्यरत संविदा एवं अन्य श्रेणी के कर्मियों को नियमित करने तथा रिक्त पदों पर बेरोजगार युवाओं की नियुक्ति करने की आवश्यकता है।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
फूल कुमार झा ने कहा कि सितंबर 2005 के बाद नियुक्त राज्यकर्मी पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित हैं। महासंघ का कहना है कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की।
18 माह के बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग

कर्मचारी नेताओं ने कोरोना काल के दौरान 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाना चाहिए।
महासंघ ने न्यूनतम मानदेय ₹26,000 करने, स्वास्थ्य कर्मियों के विगत 45 दिवसीय कार्य बहिष्कार की अवधि के वेतन का भुगतान करने तथा अराजपत्रित कर्मचारियों के राज्यस्तरीय संवर्ग से संबंधित आदेश को वापस लेने की मांग भी उठाई।
बायोमेट्रिक व्यवस्था समाप्त करने समेत कई मांगें
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए लागू बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई। अनुसचिवीय कर्मचारियों के लिए झारखंड एवं उत्तर प्रदेश की तर्ज पर वेतनमान एवं प्रोन्नति का पदसोपान निर्धारित करने तथा कार्य विभाग में कार्यभारित अवधि को पेंशन के लिए गणना में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर राज्य के कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
12 दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली का जिक्र
रैली को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी आंदोलन जारी है। इसी क्रम में 12 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में बिहार से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वक्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की कर्मचारी एवं श्रमिक नीतियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान शीघ्र किया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
रैली में बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद
इस अवसर पर सहायक जिला मंत्री मोहम्मद ईशा खां, राजेंद्र राम, अश्वनी कुमार झा, क्षत्री यादव, सुधाकर सिंह, अरुण कुमार झा, सूर्यदेव राय, प्रियंका कुमारी, निशा देवी, अनिता कुमारी, विभा कुमारी, राजनारायण झा, राजदेव यादव, फकीरा पासवान, ताराकांत पाठक, रितेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, शंभूनाथ झा, संजय कुमार मंडल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य बातें
- दरभंगा में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने प्रदर्शन एवं रैली आयोजित की।
- पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई गई।
- ठेका, संविदा, आउटसोर्सिंग एवं पीपीपी आधारित व्यवस्था समाप्त करने की मांग।
- संविदा एवं अन्य श्रेणी के कर्मियों को नियमित करने की मांग।
- कुल 31 सूत्री मांग-पत्र मुख्य सचिव, बिहार सरकार के नाम सौंपा गया।
- न्यूनतम मानदेय ₹26,000 करने की मांग की गई।
- कोरोना काल के 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग।
- क्षेत्रीय कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त करने की मांग।
- 12 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली का जिक्र किया गया।
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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