युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में SDRF ने सिखाए बचाव के तरीके
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर नगर, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग की ओर से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय आवासीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन आपदा के दौरान बचाव और प्राथमिक उपचार के विभिन्न महत्वपूर्ण तरीकों की जानकारी दी गई।
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विश्वविद्यालय परिसर स्थित जुबली हॉल में आयोजित प्रशिक्षण में दरभंगा जिला के विभिन्न कॉलेजों से आए करीब 200 एनएसएस स्वयंसेवक शामिल हुए। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित बचाव के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करना है।
- शरीर की आग के प्रभाव को कम करने के लिए ‘रुको, लेटो और लूढ़को’ का सिद्धांत।
- भूकंप के दौरान ‘झुको, ढको और पकड़ो’ के सिद्धांत का पालन।
- आपात स्थिति में CPR और प्राथमिक उपचार की जानकारी।
- घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की विधि।
- घरेलू वस्तुओं से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने का प्रशिक्षण।
CPR की दी गई विस्तृत जानकारी
प्रथम सत्र में प्रशिक्षक पंकज कुमार ने CPR क्या है, क्यों दिया जाता है, कैसे दिया जाता है और इससे क्या लाभ होता है, इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हृदय हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है और इसके रुक जाने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक सहायता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। आपात स्थिति में CPR जीवन बचाने में मददगार हो सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, शारीरिक तनाव, मोटापा, मधुमेह और अत्यधिक थकान जैसे कारकों के संबंध में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने CPR को जीवन-मरण की आपात स्थिति में दी जाने वाली महत्वपूर्ण प्राथमिक उपचार प्रक्रिया बताया।
घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक ले जाने का प्रशिक्षण
अगले सत्र में घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से दूसरे स्थान पर ले जाने के विभिन्न तरीकों को विस्तार से समझाया गया। स्वयंसेवकों को यह भी सिखाया गया कि आपात स्थिति में घरेलू वस्तुओं की मदद से स्ट्रेचर कैसे तैयार किया जा सकता है, ताकि घायल व्यक्ति को सावधानीपूर्वक एंबुलेंस या अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
प्रशिक्षिका प्रीति कुमारी ने शारीरिक परीक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने मानव शरीर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हड्डियों की संख्या, उनके कार्य और हड्डियों को होने वाली क्षति की जानकारी दी। साथ ही हड्डियों को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार, खेलकूद, व्यायाम और बेहतर जीवनशैली के व्यावहारिक उपाय बताए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विजय कुमार शर्मा, कृष्णा चौधरी, प्रिंस कुमार, विनोद कुमार, प्रसन्न जी चौधरी, सहाना खातून, मिनी कुमारी, स्नेहा कुमारी, अपर्णा कुमारी, रितु कुमारी, मासूम कुमारी, अनिष कुमार, नवनीत कुमार, विजय बिहारी सहित अन्य ने भाग लिया।
राष्ट्रगीत से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
तीसरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और एनएसएस लक्ष्य-गीत से हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा की स्थिति में धैर्य के साथ सही कदम उठाने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए तैयार किया गया।
SDRF टीम की ओर से रूपेश कुमार पासवान, पंकज कुमार, राजू कुमार, संतोष कुमार, मालिक कुमार, पूजा कुमारी, प्रीति कुमारी तथा मिथिलेश तिवारी ने प्रशिक्षण में सहयोग किया। शिविर के संयोजक डॉ. आर. एन. चौरसिया, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. शबनम कुमारी, डॉ. सोनू राम शंकर, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. योगेश्वर साह, मणिकांत ठाकुर, मुकेश कुमार झा, सुमित कुमार, रवीन्द्र कुमार सिंह, वैभव झा, अंकिता कुमारी, विकास कुमार, संजय कुमार महतो आदि ने भी सक्रिय सहयोग किया।
आपदा के समय सही जानकारी और सही तकनीक जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण के माध्यम से एनएसएस स्वयंसेवकों को ऐसी परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से सहायता करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
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