पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेगा कुशेश्वरस्थान, मंत्रालय के निर्णय पर सांसद ने जताया हर्ष
दरभंगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिथिला को फिर ऐतिहासिक सौगात मिली है। नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति के तहत यातायात घनत्व, माल ढुलाई, यात्री आवागमन, क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण तथा पर्यटन की संभावनाओं के आलोक में पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान-खगड़िया होकर बनाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विभाग को शीघ्र निर्माण के लिए पत्र जारी किया है। इसे दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य बातें
- कुशेश्वरस्थान को प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने की पहल
- नेपाल, बिहार और झारखंड के बीच बेहतर सड़क संपर्क की उम्मीद
- धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
- दरभंगा सहित आसपास के जिलों को सड़क कनेक्टिविटी का लाभ
- कुशेश्वरस्थान के धार्मिक महत्व को मिलेगी नई पहचान
- पश्चिमी कोशी तटबंध की सड़क से जोड़ने का सांसद ने दिया सुझाव
सांसद ने 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री से की थी मुलाकात
स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा लिखे गए पत्र के आलोक में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस विषय को लेकर 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर पत्र सौंपा था और प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर शीघ्र पहल शुरू करने का आग्रह किया था।

सांसद के अनुसार केंद्रीय मंत्री द्वारा इस मुद्दे पर सभी औपचारिकताओं, आंकड़ों एवं संबंधित पहलुओं का अध्ययन और आकलन करने के बाद 7 सितंबर को इस कॉरिडोर को भेजा गैंडोल-कुशेश्वरस्थान होकर बनाने के लिए मंत्रालय को आदेश जारी किया गया है।
सांसद का दावा
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर से कुशेश्वरस्थान को जोड़ना दरभंगा और मिथिला क्षेत्र के लिए दूरगामी महत्व वाला निर्णय साबित हो सकता है।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने प्रस्तावित पशुपतिनाथ धाम-बैद्यनाथ धाम हाई स्पीड कॉरिडोर के दूरगामी महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन, भारत-नेपाल सीमा-पार संपर्क एवं क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से उत्तर बिहार के उपेक्षित एवं पिछड़े क्षेत्रों को सीधा लाभ होगा। कुशेश्वरस्थान जैसे उत्तर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थल को इस कॉरिडोर से जोड़ने से श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा बढ़ेगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
दरभंगा सहित आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ
सांसद ने प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर में कुशेश्वरस्थान को जोड़ने के निर्णय को भौगोलिक रूप से समीचीन बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से दरभंगा ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों जिलों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा।
इससे क्षेत्रीय व्यापार, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के विकास को तेज गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
नेपाल से झारखंड तक मजबूत होगा सड़क संपर्क
डॉ. ठाकुर ने इस हाई स्पीड कॉरिडोर को भारत और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार एवं पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के बैद्यनाथधाम तक प्रस्तावित हाई स्पीड सड़क कॉरिडोर को दरभंगा के कुशेश्वरनाथ से जोड़ने से दरभंगा जिले का नेपाल तथा झारखंड से सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से सीधा जुड़ाव हो जाएगा।
पर्यटन की नई संभावनाएं
सांसद के अनुसार इस प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर में दरभंगा के जुड़ने से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत का नेपाल तथा झारखंड तक विस्तार होगा, जो आने वाले समय में पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
पश्चिमी कोशी तटबंध की सड़क से जोड़ने का सुझाव
सांसद ने कहा कि 300 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर में निर्माणाधीन पश्चिमी कोशी तटबंध की सड़क के माध्यम से इस कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर 25 किलोमीटर के हिस्से में हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण की लागत कम लगेगी और पहले से निर्माणाधीन सड़क का भी बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के प्रति जताया आभार
मिथिला क्षेत्र के लिए मिली इस उपलब्धि के लिए सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह परियोजना उत्तर बिहार के लिए वरदान साबित हो सकती है तथा इससे क्षेत्र में सड़क संपर्क, पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिल सकती है।
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पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर से जुड़ी इस पहल को लेकर सांसद ने इसे मिथिला और उत्तर बिहार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। परियोजना से संबंधित आगे की आधिकारिक प्रक्रिया और प्रगति पर नजर बनी रहेगी।
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