मदारपुर का टेराकोटा भवन बना खंडहर, स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज

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🏛️ स्थानीय मुद्दा

मदारपुर का टेराकोटा भवन बना खंडहर, कचरा और आवारा जानवरों का अड्डा

स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज, सफाई और टेराकोटा केंद्र को पुनः शुरू करने की मांग

दरभंगा | 19 जून 2026 | RxTv BHARAT Bureau

मदारपुर का टेराकोटा भवन बना खंडहर, स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज
फ़ोटो : मदारपुर टेराकोटा भवन

📌 मुख्य बातें

  • मदारपुर स्थित टेराकोटा भवन वर्षों से बंद पड़ा है।
  • परिसर कचरा डंपिंग स्थल और आवारा जानवरों का अड्डा बन गया है।
  • स्थानीय लोगों ने सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
  • प्रजापति समाज ने टेराकोटा केंद्र को पुनः चालू करने की अपील की।

क्या है पूरा मामला?

दरभंगा के मदारपुर-मौलागंज स्थित टेराकोटा भवन, जिसे कभी रोजगार और प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था, आज उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। वर्षों से उपयोग नहीं होने के कारण पूरा परिसर गंदगी, कचरे और आवारा जानवरों का ठिकाना बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहना मुश्किल हो गया है।

कभी रोजगार का केंद्र था यह परिसर

मदारपुर का टेराकोटा भवन बना खंडहर, स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज

स्थानीय बुजुर्गों और प्रजापति समाज के लोगों ने बताया कि एक समय इस परिसर में कई उद्योग संचालित होते थे और सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता था। यहां प्रशिक्षण गतिविधियां भी चलती थीं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता था। लेकिन वर्तमान में पूरा परिसर वीरान पड़ा हुआ है।

कचरा और असामाजिक तत्वों का बना ठिकाना

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड संख्या-28 के विभिन्न मोहल्लों का कचरा यहां लाकर डंप किया जाता है। इसके कारण पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। चारदीवारी क्षतिग्रस्त होने के कारण परिसर में आवारा पशुओं और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।

मदारपुर का टेराकोटा भवन बना खंडहर, स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज

सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से हुई चोरी

स्थानीय निवासी अशोक पंडित ने बताया कि परिसर में लगी कई मशीनों और उपकरणों के पार्ट्स चोरी हो चुके हैं। परिसर में न तो कोई सुरक्षा गार्ड है और न ही निगरानी की कोई व्यवस्था। इसी कारण लगातार चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं होती रही हैं।

टेराकोटा केंद्र को फिर से शुरू करने की मांग

प्रजापति समाज के लोगों का कहना है कि यदि इस परिसर को समाज के हवाले कर प्रशिक्षण केंद्र और छात्रावास के रूप में विकसित किया जाए तो यहां फिर से रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा और परिसर की पुरानी रौनक भी लौट सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की अपील

सुमित कुमार राय, रमेश पंडित सहित अन्य स्थानीय लोगों ने प्रशासन से परिसर की सफाई कराने, बाउंड्री निर्माण कराने तथा टेराकोटा भवन को पुनः शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो यह परिसर पूरी तरह जर्जर हो जाएगा।

📊 महत्वपूर्ण तथ्य

  • स्थान – मदारपुर, मौलागंज, दरभंगा
  • स्थिति – वर्षों से बंद पड़ा टेराकोटा भवन
  • समस्या – गंदगी, कचरा, चोरी और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
  • मांग – सफाई, बाउंड्री निर्माण और टेराकोटा केंद्र का पुनः संचालन

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रिपोर्ट: जॉर्नलिस्ट रोहित, ब्यूरो दरभंगा

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