बिहार में अब मुफ्त राशन पाने वालों की बड़ी संख्या घटने वाली है। राज्य सरकार ने उन सभी कार्डधारकों के नाम हटाने की तैयारी कर ली है जो पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरते। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को राजस्व एवं भूमि सुधार, परिवहन और आयकर विभाग से मिली रिपोर्ट के आधार पर 54.2 लाख राशन कार्ड धारकों की सूची तैयार की गई है, जिनके नाम अब काटे जाएंगे।

रिपोर्ट में सामने आया है कि कई लाभार्थियों के पास 2.5 एकड़ से अधिक जमीन, चारपहिया वाहन या इनकम टैक्स रिटर्न की एंट्री है, फिर भी वे मुफ्त राशन उठा रहे हैं। इसके अलावा मृतक व्यक्तियों और दोहरे नामों पर जारी कार्डों को भी रद्द करने का निर्देश जारी किया गया है।

पहले चरण में राज्य के 33 जिलों से गलत कार्डधारकों की पहचान कर रिपोर्ट भेजी गई है। मुजफ्फरपुर में 2.34 लाख, पूर्वी चंपारण में 1.5 लाख और सीतामढ़ी में 99 हजार लोगों के नाम चिन्हित किए गए हैं। जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द इन्हें सूचीबद्ध कर खाद्य आपूर्ति विभाग को रिपोर्ट भेजें।

केस स्टडी में कई उदाहरण सामने आए हैं — एक व्यक्ति जिसके पास 20 लाख की आयकर रिटर्न और जमीन है, फिर भी मुफ्त राशन ले रहा था। दूसरे केस में 2.5 एकड़ जमीन वाले किसान को भी सूची में शामिल पाया गया, जबकि तीसरे केस में चारपहिया वाहनधारी सरकारी कर्मचारी राशन कार्ड लाभार्थी के रूप में चिन्हित हुए।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से राशन उठाने वालों की पहचान होते ही उनके कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही आगे ऐसे लाभार्थियों पर कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है।