डीएम की सख्ती से बैंकिंग सिस्टम में हलचल डीएलसीसी बैठक में बैंक अधिकारियों को सख्त निर्देश, ग्रामीण बैंकिंग पर फोकस

- 15 दिन में लंबित ऋण आवेदन निपटाने का अल्टीमेटम
- पंचायत सरकार भवनों में बैंक शाखा खोलने के निर्देश
- किसानों, जीविका समूहों व आम जनता को राहत पर जोर
RxTv BHARAT, ब्यूरो दरभंगा — दरभंगा में बैंकिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में उनकी अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री/समीक्षा समिति (DLCC) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की बैंकिंग योजनाओं, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वार्षिक शाखा योजना के तहत जिन बैंकों को लक्ष्य दिए गए हैं, वे हर हाल में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें। पंचायत सरकार भवनों में सर्वे कर जरूरत के अनुसार नई बैंक शाखाएं खोलने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं सुलभ हो सकें।
जिला गव्य विकास योजना के तहत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री विकास कुमार को साख जमा अनुपात (CD Ratio) में सुधार और लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
उप विकास आयुक्त को प्रतिदिन बैंक-वार समीक्षा बैठक कर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में नीलाम पत्र वादों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादित मामलों की रिपोर्ट समय पर देने और शेष मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने को कहा।
एलडीएम ने जानकारी दी कि जिले में कुल 218 एटीएम कार्यरत हैं, जबकि सरकारी बैंक शाखाओं की संख्या 119 है। वहीं नाबार्ड के डीडीएम ने स्पष्ट कहा कि किसानों के सभी कृषि ऋण आवेदनों को अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाए और बिना ठोस कारण के आवेदन अस्वीकृत न हों।
बैठक में बताया गया कि मखाना बोर्ड का गठन हो चुका है। मखाना उत्पादन से जुड़े किसानों के ऋण आवेदनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही वेयरहाउस रिसिप्ट, ई-किसान उपज निधि एवं CGSNPF योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को संवेदनशील और जनहितैषी तरीके से काम करने की हिदायत दी। बैठक में साख जमा अनुपात, जिला गव्य विकास योजना, स्वयं सहायता समूह (जीविका), किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और प्रधानमंत्री जनधन योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा आरसेटी प्रशिक्षण संस्थान में चाहरदीवारी निर्माण का निर्देश एलडीएम को दिया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की प्रगति तेज करने के निर्देश देते हुए 18 वर्ष से अधिक सभी पात्र व्यक्तियों को जोड़ने के लिए गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, उप निदेशक जनसंपर्क श्री सत्येंद्र प्रसाद, अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री विकास कुमार, जिला उद्योग महाप्रबंधक, डीपीएम जीविका श्रीमती ऋचा गार्गी, डीडीएम नाबार्ड श्रीमती राज नंदनी, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती प्रियंका कुमारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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