दिल्ली में मजदूरी के दौरान हादसा गांव पहुंचते ही शव से मचा कोहराम

- गाजियाबाद की फैक्ट्री में लोहे का पट्टा टूटने से हादसा
- तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया शिव कुमार
- परिवार ने सरकार और कंपनी से मुआवजे की गुहार लगाई
दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड क्षेत्र के खराजपुर पंचायत स्थित बरहत्ता गांव में उस वक्त मातम पसर गया, जब दिल्ली के गाजियाबाद से एक एंबुलेंस मृतक का शव लेकर गांव पहुंची। शव गांव में पहुंचते ही परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया।
मृतक की पहचान शिव कुमार राम के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। शिव कुमार मजदूरी के लिए गाजियाबाद की एक लोहे की फैक्ट्री में काम कर रहे थे। बताया गया कि फैक्ट्री में पेंटर का काम करते समय क्रेन से लोहे को उठाया जा रहा था, इसी दौरान क्रेन का पट्टा टूट गया और भारी लोहे का टुकड़ा शिव कुमार पर गिर पड़ा, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शिव कुमार के पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें दो लड़के और एक लड़की शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे, जिससे यह साफ दिख रहा था कि गांव में शिव कुमार और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना है।
परिजनों का कहना है कि शिव कुमार करीब डेढ़ साल से उसी कंपनी में काम कर रहे थे और पीएफ जैसी सुविधाएं भी मिलती थीं। हालांकि हादसे के बाद कंपनी की ओर से अब तक कोई ठोस मदद सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और कंपनी पर मुआवजे के लिए दबाव बनाया जाएगा।
परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी से उचित मुआवजा दिलाया जाए और मजदूर कल्याण योजनाओं के तहत मृतक की पत्नी और बच्चों को सरकारी सहायता, पेंशन और अन्य लाभ मिलें, ताकि परिवार का भविष्य किसी तरह संभल सके।
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