भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ी चोट 2025 में निगरानी ब्यूरो ने तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड

- 2025 में 122 FIR, 101 ट्रैप केस में 107 गिरफ्तारी
- 37.80 लाख रुपये की घूस बरामद, 2026 में स्पीडी ट्रायल पर फोकस
RxTv BHARAT, ब्यूरो दरभंगा – बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत वर्ष 2025 निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इतिहास का सबसे बड़ी कार्रवाई वाला साल साबित हुआ। हाल में हुए बुधवार 31 दिसम्बर 25 को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महानिदेशक श्री जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि इस वर्ष कुल 122 FIR दर्ज की गईं, जो पिछले 25 वर्षों का रिकॉर्ड है।
महानिदेशक ने बताया कि 2024 में जहां केवल 15 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में मामलों की संख्या आठ गुना से अधिक बढ़ी। इनमें 101 ट्रैप केस शामिल हैं, जिनमें रिश्वत लेते रंगे हाथ 107 भ्रष्ट लोकसेवकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 7 महिला पदाधिकारी और 6 बिचौलिए भी शामिल हैं।
इन ट्रैप मामलों में कुल 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई। इसके अलावा 15 आय से अधिक संपत्ति (DA) और 7 पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले भी दर्ज किए गए। दिसंबर महीने में एक ही दिन 20 FIR दर्ज होना निगरानी ब्यूरो के इतिहास में पहली बार हुआ।
श्री गंगवार ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल गिरफ्तारी ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि दोषियों को जल्द सजा दिलाना प्राथमिकता होगी। इसके लिए 2026 से स्पीडी ट्रायल कोषांग का गठन किया जाएगा, ताकि चार्जशीट, कोर्ट ट्रायल और साक्ष्य की प्रक्रिया तेज हो सके। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए अलग कोषांग और आधुनिक डिजिटल तकनीकी भवन के निर्माण की भी घोषणा की गई।
महानिदेशक ने दो टूक कहा, “कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है।” यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2026 में इससे भी सख्त और प्रभावी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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