हिंदी दिवस पर हिंदी के सम्मान का संदेश
शिक्षक मो० राजिक हुसैन ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और भारतीय भाषाओं के सम्मान का लिया संकल्प
हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा के सम्मान, प्रचार-प्रसार और विकास को लेकर लोगों से संकल्प लेने की अपील की गई। इस अवसर पर कहा गया कि “हिंदी हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारी शान है।”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिंहवाड़ा, दरभंगा
हिंदी दिवस के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।
📜 हिंदी भाषा का इतिहास एवं प्रारंभ
हिंदी का विकास भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन संस्कृत तथा उससे विकसित प्राकृत और अपभ्रंश भाषाओं की परंपरा से हुआ। समय के साथ विभिन्न लोकभाषाओं और बोलियों के विकास से हिंदी का स्वरूप समृद्ध हुआ। आधुनिक मानक हिंदी मुख्यतः देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
🌺 हिंदी का महत्व
हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, साहित्य, परंपरा और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को आपस में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हिंदी दिवस पर हिंदी का सम्मान करने, इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने तथा भारतीय भाषाओं की विविधता का भी सम्मान करने का संकल्प लिया गया।
🌺 हिंदी दिवस पर संकल्प
शिक्षक मो० राजिक हुसैन ने हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा का सम्मान और गौरव बनाए रखने, दैनिक जीवन में हिंदी का अधिकाधिक एवं शुद्ध प्रयोग करने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार और विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
उन्होंने बच्चों एवं समाज में हिंदी के प्रति प्रेम, रुचि और सम्मान की भावना विकसित करने तथा हिंदी के साथ-साथ भारत की सभी भाषाओं और बोलियों का सम्मान करने की बात कही।
उन्होंने हिंदी साहित्य, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का भी संकल्प लिया।
📌 मुख्य बातें
- 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
- हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने की ऐतिहासिक स्मृति में हिंदी दिवस मनाया जाता है।
- शिक्षक मो० राजिक हुसैन ने हिंदी के सम्मान और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।
- दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक एवं शुद्ध प्रयोग पर जोर दिया गया।
- भारत की सभी भाषाओं और बोलियों के सम्मान की बात कही गई।
- हिंदी साहित्य, संस्कृति और भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
“हिंदी का सम्मान करें, भारतीय भाषाओं का मान बढ़ाएँ।”
“हिंदी हमारी पहचान, भारत की शान।”







