बिहार की विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल, संजय कुमार झा ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
पटना। बिहार की पुरातात्त्विक और पर्यटन विरासत के संरक्षण, विकास तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार को लेकर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा है।

संजय कुमार झा ने पत्र में बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्त्विक स्थलों के विकास को लेकर कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने नालंदा, वैशाली, राजगीर, बोधगया, केसरिया, बराबर, विक्रमशिला और पटना साहिब जैसे स्थलों को बिहार की महत्वपूर्ण विरासत बताया है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में संसदीय स्थायी समिति परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति का अध्ययन प्रवास बिहार में हुआ था। प्रवास के बाद समिति की सदस्य सुधा मूर्ति ने बिहार की पुरातात्त्विक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को लेकर अपने अनुभव तथा कुछ सुझाव उनके साथ साझा किए।
🏛️ नालंदा और केसरिया में पुरातात्त्विक अन्वेषण का सुझाव
संजय कुमार झा ने नालंदा और केसरिया में पुरातात्त्विक अन्वेषण की संभावनाओं का अध्ययन कराने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि नालंदा में व्यापक स्तर पर उत्खनन हो चुका है, लेकिन आसपास की आबादी और अन्य व्यावहारिक परिस्थितियों के कारण आगे का उत्खनन चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद अनुकूल परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में विशेषज्ञ संस्थाओं के माध्यम से वैज्ञानिक और चरणबद्ध पुरातात्त्विक अन्वेषण की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकता है।

केसरिया को लेकर उन्होंने आगे पुरातात्त्विक अन्वेषण और उत्खनन की संभावनाओं का आकलन करने की बात कही है। साथ ही यहां बेहतर शौचालय, आवास, सुसज्जित उद्यान, पेयजल, सूचना-पट्ट और पर्यटकों के लिए व्याख्या एवं जानकारी की सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया है।
🌍 बराबर और वैशाली को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में आगे बढ़ाने का सुझाव
पत्र में बराबर गुफाओं और वैशाली को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर विचार करने का सुझाव भी दिया गया है।

🗺️ एकीकृत हेरिटेज टूरिज्म सर्किट का सुझाव
इसके अलावा नालंदा, राजगीर, बोधगया, वैशाली, केसरिया, बराबर, विक्रमशिला समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को एकीकृत हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की बात कही गई है।
संजय कुमार झा ने केंद्रीय मंत्री से इन सुझावों पर संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और बिहार सरकार के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की संभावनाओं पर विचार करने का अनुरोध किया है।
📌 मुख्य बातें
- संजय कुमार झा ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री को पत्र लिखा।
- बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्त्विक विरासत के विकास पर सुझाव दिए।
- नालंदा और केसरिया में पुरातात्त्विक अन्वेषण की संभावनाओं के अध्ययन का सुझाव।
- केसरिया में पर्यटकों के लिए बुनियादी एवं सूचना संबंधी सुविधाएं विकसित करने की बात।
- बराबर गुफाओं और वैशाली को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में आगे बढ़ाने पर विचार का सुझाव।
- प्रमुख विरासत स्थलों को एकीकृत हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव।
📜 पत्र में दिए गए प्रमुख सुझाव
बिहार की विरासत के संरक्षण, पुरातात्त्विक अन्वेषण, पर्यटन सुविधाओं के विकास तथा प्रमुख स्थलों को एकीकृत हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के सुझाव दिए गए हैं।






