
📜 दरभंगा में हजारों साल की ज्ञान धरोहर को बचाने की बड़ी मुहिम, पांडुलिपियों के सर्वे को मिली तेज रफ्तार
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत LNMU में दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वे पूरा, वैज्ञानिक तकनीक से किया जा रहा संरक्षण

📌 मुख्य बातें :
- ज्ञान भारतम् मिशन के तहत दरभंगा में पांडुलिपि सर्वेक्षण तेज
- LNMU के प्राचीन इतिहास विभाग में दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वे पूरा
- वैज्ञानिक और रासायनिक विधि से संरक्षित की जा रही धरोहरें
- फ्यूमिगेशन और जापानी टिशु पेपर तकनीक का इस्तेमाल
- जिलाधिकारी ने लोगों से प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा करने की अपील की
RxTv BHARAT | दरभंगा | ज्ञान भारतम् मिशन
दरभंगा में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सहेजने की दिशा में बड़ी पहल तेज हो गई है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के सफल मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत जिले में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण और संरक्षण का काम मिशन मोड में चलाया जा रहा है।

इसी कड़ी में बुधवार को जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार द्वारा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग में सुरक्षित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कराया गया।
इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. अमीर अली खान ने विभाग में उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों और उनके संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इन पांडुलिपियों को पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अयोध्यानाथ झा के कार्यकाल में एमएलएसएम कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग से विभाग को उपलब्ध कराया गया था।
🧾 आधुनिक तकनीक से बचाई जा रही हजारों साल पुरानी धरोहर
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि विभाग में मौजूद सभी पांडुलिपियों का वैज्ञानिक और रासायनिक तरीके से संरक्षण कराया गया है।
इन दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए फ्यूमिगेशन, विअमलीकरण, जापानी टिशु पेपर और सीएमटी पेस्ट लेमिनेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारत की इस प्राचीन ज्ञान संपदा से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन सिर्फ पांडुलिपियों को बचाने की मुहिम नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का बड़ा अभियान है।
📚 शोध और संरक्षण पर विशेष जोर
रूपौली ड्योढ़ी निवासी एवं पांडुलिपि विशेषज्ञ डॉ. भवनाथ झा ने कहा कि राज्य में प्राप्त पांडुलिपियों पर गंभीर शोध की जरूरत है, ताकि उनमें छिपे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक ज्ञान को दुनिया के सामने लाया जा सके।

उन्होंने बताया कि प्राचीन इतिहास विभाग में उपलब्ध पांडुलिपियों की जानकारी उनके और शोधार्थी डॉ. मुरारी झा द्वारा उपलब्ध कराई गई थी।
🏛️ जिलाधिकारी की लोगों से बड़ी अपील
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जिले के लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास प्राचीन पांडुलिपियां या उनसे जुड़ी कोई जानकारी हो, तो इसकी सूचना जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, लहेरियासराय को दें ताकि इन अमूल्य धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि दरभंगा की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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