LNMU में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू: MSU ने 11 मांगों पर निर्णायक लड़ाई छेड़ी

- मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने विश्वविद्यालय मुख्यालय पर भूख हड़ताल शुरू की
- अव्यवस्था, अनियमित सत्र, छात्रावास समस्या और बदहाल प्रशासन पर कड़ा विरोध
- छात्र संघ चुनाव, नियमित सत्र और कॉलेज सुधार सहित 11 मांगें रखी गईं
मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में व्याप्त अव्यवस्था, अनियमित शैक्षणिक सत्र, कॉलेजों में फैली अराजकता और छात्रों की लगातार उपेक्षा के विरोध में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने आज से विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लगातार उदासीनता, बार-बार की मांगों की अनदेखी और छात्रों की समस्याओं के समाधान में पूर्ण लापरवाही के कारण यह कठोर कदम उठाया गया है।
भूख हड़ताल पर बैठने वाले प्रमुख छात्र नेताओं में विश्वविद्यालय महासचिव आदर्श मिश्रा, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष एमडी सेराज, JN कॉलेज मधुबनी अध्यक्ष आनंद पासवान, LNJ कॉलेज अध्यक्ष कुंदन भारती और शिवम ठाकुर शामिल हैं।
MSU की मुख्य 11 मांगें
- छात्र संघ चुनाव की तिथि अविलंब प्रकाशित की जाए।
- स्नातक और स्नातकोत्तर सत्र नियमित किए जाएँ।
- सभी महाविद्यालयों में नए छात्रावास निर्माण एवं बंद छात्रावासों का पुनः संचालन।
- प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय व शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था।
- K.S कॉलेज का नामांकन काउंटर सड़क किनारे से हटाकर परिसर में स्थानांतरण।
- LNJ, MRM, JN नेहरा कॉलेज के प्रधानाचार्यों को हटाया जाए।
- सभी कॉलेजों में नामकरण मिथिला अक्षर में अंकित किया जाए।
- MMTM, RB जालान, LCS, NJM एवं MG कॉलेज को सरकारी कॉलेज मान्यता।
- महारानी कल्याणी महाविद्यालय में कॉमर्स की पढ़ाई शुरू की जाए।
- सभी कॉलेजों का नामांकन ऑनलाइन से हटाकर ऑफलाइन किया जाए।
- मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए।
आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
प्रमुख रूप से उपस्थित थे — राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण राय, जिज्ञासा सत्संगी, तुलसी कुमारी, मुस्कान कुमारी, आदित्य कुमार, शुभम ठाकुर, लाल बाबू साहनी, शिवम झा, वेदांत वत्स, प्रतीक सत्संगी, नारायण मिश्रा, प्रशांत मैथिल, अनिश कर्ण, शिन्तु कुमार, आयुष कुमार एवं आदर्श रॉय।
छात्रों ने कहा कि यह संघर्ष केवल संगठन का नहीं, बल्कि पूरे मिथिला के छात्रों के भविष्य की लड़ाई है।
अनशनकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन वर्षों से बुनियादी समस्याओं का समाधान तक नहीं कर पा रहा है।
छात्रावास बदहाल, पेयजल व्यवस्था असंतोषजनक और प्राचार्यों की मनमानी चरम पर है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण, विवि अध्यक्ष अनिश चौधरी और नारायण मिश्रा ने कहा कि जब तक सभी 11 मांगों पर लिखित आश्वासन या कार्रवाई नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन ने सभी छात्रों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक संगठनों से समर्थन का आह्वान किया है।
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