निजी स्कूलों की मनमानी पर उठी आवाज
उप-महापौर ने अवैध वसूली रोकने के लिए प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
RxTv BHARAT | दरभंगा, 09 अप्रैल 2026
दरभंगा में निजी विद्यालयों द्वारा कथित अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठनी शुरू हो गई है। दरभंगा नगर निगम की उप-महापौर नाजिया हसन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
👉 किताब, यूनिफॉर्म और जूते स्कूल से ही खरीदने का दबाव
👉 अभिभावकों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
👉 प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
उप-महापौर ने जिला पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया कि जिले के कई निजी विद्यालय हर वर्ष “री-एडमिशन” के नाम पर अभिभावकों से अत्यधिक शुल्क वसूलते हैं, जिससे मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों पर यह दबाव बनाते हैं कि वे स्कूल परिसर से ही किताबें, यूनिफॉर्म और जूते खरीदें, जबकि इनकी कीमत बाजार की तुलना में काफी अधिक होती है।
नाजिया हसन ने कहा कि कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण इन शुल्कों को वहन नहीं कर पाते, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और वे शिक्षा से वंचित होने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने इसे शिक्षा के अधिकार के खिलाफ बताया।
उप-महापौर ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और विद्यालयों को निर्देश दिया जाए कि अभिभावकों को बाजार से उचित दर पर शैक्षणिक सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए।
उन्होंने दोषी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की है। इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।




