सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर लगी रोक
स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए बिहार सरकार का बड़ा फैसला
RxTv BHARAT | पटना | 11 अप्रैल 2026
👉 सात निश्चय-3 के तहत लिया गया बड़ा निर्णय
👉 डॉक्टरों को मिलेगा NPA/प्रोत्साहन राशि
👉 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का दावा
पटना: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार अब राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक निजी क्लीनिक या प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
यह फैसला राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर एवं समय पर इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने सहमति दे दी है और इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। यह नियम बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग तथा इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान से जुड़े सभी डॉक्टरों पर लागू होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी प्रैक्टिस पर रोक के बदले डॉक्टरों को गैर-प्रैक्टिस भत्ता (NPA) या अन्य प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि उनकी आय पर असर न पड़े और वे पूरी तरह सरकारी सेवा में ध्यान दे सकें।
फिलहाल इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा और आम जनता को अधिक लाभ मिलेगा।



