पटना में राजस्व समीक्षा बैठक: लंबित मामलों पर कड़ा संदेश

पटना में राजस्व समीक्षा बैठक: लंबित मामलों पर कड़ा संदेश

पटना में राजस्व संग्रह समीक्षा बैठक: प्रधान सचिव ने दिए कड़े निर्देश

राजस्व लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए 537 अंचलों की समीक्षा

RxTv BHARAT | पटना | 09 मार्च 2026


🔹 प्रधान सचिव श्री सीके अनिल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक
🔹 लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद व अन्य मामलों की गहन समीक्षा
🔹 राजस्व लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश
🔹 सभी 537 अंचल अधिकारी और मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित

आज दिनांक 09 मार्च 2026, रविवार को पटना के अधिवेशन भवन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल ने की। बैठक का उद्देश्य राज्य के सभी अंचलों में राजस्व संग्रह का लक्ष्य समय पर पूरा करना और लंबित मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करना था।

पटना में राजस्व समीक्षा बैठक: लंबित मामलों पर कड़ा संदेश

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी थे: सचिव श्री जय सिंह, सचिव श्री गोपाल मीणा, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, श्रीमती सुधा रानी, श्रीमती सोनी कुमारी, उप सचिव श्री संजय कुमार सिंह, श्री सुनील कुमार सिंह, सहायक निदेशक एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण।

बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु:

  • 🔹राजस्व संग्रह की वर्तमान स्थिति और लक्ष्य प्राप्ति
  • 🔹लंबित दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन मामलों का निष्पादन
  • 🔹भूमि विवाद निवारण अधिनियम, 2009 के अंतर्गत लंबित प्रकरण
  • 🔹लगान की अद्यतन स्थिति और सैरात बंदोबस्ती
  • 🔹राजस्व पदाधिकारियों के क्षेत्रों में लंबित प्रकरणों का त्वरित निष्पादन

प्रधान सचिव श्री सीके अनिल ने स्पष्ट किया कि आम जनता से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित मामलों की समय पर मॉनिटरिंग की जाए और प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

पटना में राजस्व समीक्षा बैठक: लंबित मामलों पर कड़ा संदेश

उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाया जाए ताकि आम लोगों को समय पर सेवा मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही, सभी अंचलों में अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

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