मंडल कारा का निरीक्षण बंदियों के अधिकारों पर दिया गया विशेष जोर

मंडल कारा का निरीक्षण  बंदियों के अधिकारों पर दिया गया विशेष जोर
  • प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया निरीक्षण
  • बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर फोकस
  • न्यायालय में समय पर उपस्थापन सुनिश्चित करने का निर्देश

RxTv BHARAT, ब्यूरो दरभंगा –

माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री शिव गोपाल मिश्र ने आज मंडल कारा का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह निरीक्षण शशि @ शही चिकना विवेकानंद जुरमानी बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में पारित आदेश तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मानकों के आधार पर किया गया है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि काराधीन बंदियों को कई मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है– यदि कोई बंदी वकील का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं है, तो राज्य द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही जमानत, अपील तथा अन्य विधिक प्रक्रियाओं में सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सुनिश्चित की जाती है। बंदियों की सुविधा के लिए जेल परिसर में लीगल ऐड क्लीनिक भी संचालित है।

प्रधान जिला जज ने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष एवं त्वरित सुनवाई के लिए बंदियों का समय पर न्यायालय में उपस्थापन अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मामलों में बंदियों द्वारा निर्धारित अधिकतम सजा की आधी या एक-तिहाई अवधि जेल में बिताने पर जमानत पर रिहाई का भी प्रावधान है, जिसके लिए जेल प्रशासन एवं विधिक सेवा प्राधिकार मिलकर जमानत याचिका दायर करते हैं।

उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी योग्य बंदियों की पहचान कर उन्हें अविलंब विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी बंदी अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न हो।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जुनैद आलम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आरती कुमारी भी उपस्थित रहीं।

सूचना, मदद व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें – 9472867520
दरभंगा जेल निरीक्षण, विधिक सेवा, बंदियों के अधिकार
#Darbhanga #LegalAid #DistrictJudge #JailInspection #HumanRights
शेयर करे...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!