डीएमसीएच की मजबूत पहचान बनीं अल्का झा व शिला कुमारी, सम्मान के साथ विदाई

डीएमसीएच की मजबूत पहचान बनीं अल्का झा व शिला कुमारी, सम्मान के साथ विदाई

डीएमसीएच में प्राचार्या व अधीक्षिका को दी भावभीनी विदाई

एनाटॉमी विभाग ने आयोजित किया सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह

  • प्रो० डॉ० अल्का झा व प्रो० डॉ० शिला कुमारी को किया गया सम्मानित
  • डीएमसीएच में शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार की हुई सराहना
  • शिक्षकों ने कार्यकाल को बताया प्रेरणादायक

RxTv BHARAT, ब्यूरो दरभंगा — दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग द्वारा आज महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा एवं अधीक्षिका (सुपरिंटेंडेंट) प्रो० डॉ० शिला कुमारी के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कॉलेज परिसर भावुक क्षणों का साक्षी बना, जहाँ दोनों अधिकारियों के योगदान को खुले दिल से सराहा गया।

वीडियो: सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की मिसाल रहीं प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा व अधीक्षिका प्रो० डॉ० शिला कुमारी को डीएमसीएच में भावभीनी विदाई दी गई। सौजन्य से — दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय, एनाटॉमी विभाग एवं जीविका परिवार✍🏻

डीएमसीएच की मजबूत पहचान बनीं अल्का झा व शिला कुमारी, सम्मान के साथ विदाई

इस अवसर पर एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० एस० के० करण, शिशु रोग विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० अशोक कुमार व डॉ० रिज़वान हैदर, पीएसएम विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० पी० के० लाल, आई विभाग से प्रो० डॉ० आशिफ नवाज़ व डॉ० सत्यपाल, बायोकेमिस्ट्री विभाग से डॉ० संतोष कुमार, चेस्ट विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ० मोहन पासवान सहित एनाटॉमी विभाग के कई शिक्षक एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।

सभी वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्राचार्या एवं अधीक्षिका के नेतृत्व में डीएमसीएच ने शैक्षणिक अनुशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बनाई। इस मौके पर दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को मोमेंटो एवं चादर भेंट कर सम्मानित किया गया।

डॉ० मोहन कुमार ने कहा कि चेस्ट विभाग में ब्रोंकोस्कोपी सेवा की शुरुआत का श्रेय इन्हीं दोनों को जाता है। वहीं डॉ० अमोद झा ने बताया कि सुपरिंटेंडेंट मैम का फोन हमेशा ऑन रहता था, जिससे मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि अब डीएमसीएच की व्यवस्था इतनी बेहतर हो चुकी है कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी यहाँ इलाज के लिए आते हैं।

डीएमसीएच की मजबूत पहचान बनीं अल्का झा व शिला कुमारी, सम्मान के साथ विदाई

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कॉलेज में छात्रों की नियमित कक्षा उपस्थिति की जो व्यवस्था शुरू हुई, उसका श्रेय प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा को जाता है। डॉ० जी० एस० झा ने कहा कि मास्क बैंक जैसी समस्या सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चुनौती बनी हुई है, ऐसे में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से छात्रों को कक्षा से जोड़ने की पहल आगे भी जारी रहनी चाहिए।

अपने संबोधन में अधीक्षिका प्रो० डॉ० शिला कुमारी ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसे उन्होंने सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक निभाया। वहीं प्राचार्या प्रो० डॉ० अल्का झा ने कहा कि कुर्सी पर बैठने वाले व्यक्ति को ऊपर भी देखना पड़ता है और नीचे भी। उन्होंने अपने कार्यकाल में टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ सभी का बराबर ध्यान रखने का प्रयास किया।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ० गौड़ी शंकर झा द्वारा किया गया।

सूचना, मदद व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 9472867520
Written by journalist rohit

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