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बिहार में PhD प्रवेश को लेकर बड़ा फैसला, अब PAT नहीं, UGC-NET स्कोर से होगा दाखिला
🖋️ रिपोर्ट: जॉर्नलिस्ट रोहित | ब्यूरो बिहार | RxTv BHARAT

📌 मुख्य बातें
- बिहार के किसी भी विश्वविद्यालय में अब PAT परीक्षा आयोजित नहीं होगी।
- UGC-NET स्कोर के आधार पर ही PhD में प्रवेश दिया जाएगा।
- PAT के लिए जारी विज्ञापनों को तत्काल वापस लेने का निर्देश।
- अभ्यर्थियों से ली गई आवेदन शुल्क राशि लौटाने का आदेश।
- राज्यपाल सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों को अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा।
पटना, 02 जून 2026। बिहार के विश्वविद्यालयों में PhD प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अब बिहार के किसी भी विश्वविद्यालय में PhD Admission Test (PAT) आयोजित नहीं किया जाएगा। PhD कार्यक्रमों में नामांकन के लिए UGC-NET स्कोर को ही आधार बनाया जाएगा।
UGC के निर्देशों के अनुरूप लिया गया निर्णय
राज्यपाल सचिवालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय UGC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और कुलाधिपति के आदेश के आलोक में लिया गया है। सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2024 एवं 2025 के लिए PhD प्रवेश में UGC-NET स्कोर का उपयोग अनिवार्य रूप से करना होगा।

PAT परीक्षा पर पूरी तरह रोक
पत्र के अनुसार बिहार का कोई भी विश्वविद्यालय अब PhD प्रवेश के लिए PAT परीक्षा का विज्ञापन जारी नहीं करेगा और न ही परीक्षा आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं के स्थान पर अब UGC-NET स्कोर ही पात्रता एवं चयन का आधार बनेगा।

पहले से जारी विज्ञापन होंगे वापस
जिन विश्वविद्यालयों ने PAT के माध्यम से PhD प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है लेकिन अभी परीक्षा आयोजित नहीं की है, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रक्रिया वापस लेने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अभ्यर्थियों से ली गई आवेदन शुल्क राशि वापस करने या प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन कर UGC-NET आधारित चयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पहले से नामांकित छात्रों पर नहीं पड़ेगा असर
जिन विश्वविद्यालयों ने पहले ही PAT के माध्यम से PhD नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है, उनके छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ऐसे कार्यक्रम पूर्ववत संचालित होते रहेंगे और पहले से नामांकित शोधार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

विश्वविद्यालयों को भेजनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और जल्द से जल्द अनुपालन रिपोर्ट कुलाधिपति सचिवालय को भेजें। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध गंभीर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
शोधार्थियों के लिए क्या बदलेगा?
इस फैसले के बाद अब PhD में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को UGC-NET परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इससे देशभर में PhD प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और विश्वविद्यालयों द्वारा अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
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