सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला दूध और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए अहम निर्देश

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, दूध और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए बड़े निर्देश

लोक सेवक आवास में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, पशुपालकों और मत्स्य पालकों को मिलेगा बड़ा लाभ

सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला दूध और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए अहम निर्देश

चित्र परिचय: लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

मुख्य बातें

  • कॉम्फेड के जरिए उन्नत नस्ल की गाय, भैंस और बकरी उपलब्ध कराने का निर्देश
  • नेपाल और सीमावर्ती राज्यों तक बिहार की मछलियों की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर
  • मत्स्य उत्पादन को 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तक बढ़ाने का लक्ष्य
  • सुधा के माध्यम से दूध उत्पादन 1 करोड़ 25 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने की तैयारी

सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला दूध और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए अहम निर्देश

माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कॉम्फेड के माध्यम से राज्य के पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गाय, भैंस एवं बकरी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पशुपालन क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बिहार के मत्स्य पालकों की मछलियों की पहुंच नेपाल एवं सीमावर्ती राज्यों के बाजारों तक सुनिश्चित की जाए, जिससे मछली उत्पादकों को बेहतर बाजार और अधिक लाभ मिल सके।

बैठक में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मत्स्य उत्पादन को वर्तमान 9 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष किया जाए।

सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला दूध और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए अहम निर्देश

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने “सुधा” के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 40 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 1 करोड़ 25 लाख लीटर प्रतिदिन करने का निर्देश दिया।

सरकार का मानना है कि डेयरी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दी जा सकती है और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा:

सरकार की नई रणनीति से बिहार में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इससे किसानों और ग्रामीण युवाओं को सीधा लाभ मिल सकता है।

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