राजस्व संग्रहण को लेकर डीएम ने की सख्त समीक्षा बैठक
TDS समय पर जमा करने का आदेश • लापरवाही पर Personal Liability तय
- ✔️ सभी विभागों को राजस्व लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश
- ✔️ ₹2.5 लाख से ऊपर हर बिल पर TDS कटौती अनिवार्य
- ✔️ देरी या नियम उल्लंघन पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होगी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ एवं लक्ष्य के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को राजस्व से जुड़े दायित्वों के निर्वहन में गंभीरता एवं पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया और कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले सभी सरकारी राजस्व हर हाल में जमा कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने पदाधिकारियों को कार्यालयों में की गई कर कटौतियों को समयबद्ध तरीके से सरकारी खाते में जमा करने तथा संबंधित विवरणी समय पर दाखिल करने के निर्देश दिए।
राज्य कर संयुक्त आयुक्त ने बताया कि जिन कार्यालयों द्वारा स्रोत पर कर कटौती (TDS) की गई है, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर राशि जमा करें। ढाई लाख रुपये से अधिक के सभी बिलों पर टैक्स कटौती अनिवार्य होगी तथा चालू वित्तीय वर्ष की कटौती 10 मार्च 2026 तक जमा करना अनिवार्य है।
उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर टीडीएस जमा नहीं करने या विवरणी दाखिल नहीं करने पर संबंधित पदाधिकारी की Personal Liability तय की जाएगी।
साथ ही जिन आपूर्तिकर्ताओं का जीएसटी पंजीकरण रद्द या निलंबित है, उन्हें किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए गए। भुगतान तभी किया जाएगा जब उनका पंजीकरण पुनः सक्रिय हो जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संग्रहण राज्य की विकास योजनाओं का आधार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।



