बाल श्रमिक आयोग की बैठक में सख्ती, दरभंगा में 39 बच्चों को कराया गया मुक्त
नियोजकों पर FIR और जुर्माना, बच्चों के पुनर्वास व शिक्षा पर जोर
RxTv BHARAT | दरभंगा | 30 मार्च 2026
दरभंगा परिसदन में माननीय अध्यक्ष बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग श्री अशोक कुमार की अध्यक्षता में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में दरभंगा प्रमंडल के उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन, श्रम अधीक्षक दरभंगा सहित सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए लगातार धावा दल चलाया जाए और दोषी नियोजकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
● दोषी नियोजकों पर FIR और 20 हजार रुपये जुर्माना
● बच्चों का स्कूल में नामांकन व पुनर्वास सुनिश्चित
● 3000 रुपये तत्काल सहायता व 25 हजार का फिक्स डिपॉजिट
● हर सप्ताह धावा दल चलाने का निर्देश
अध्यक्ष ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 39 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। सभी दोषी नियोजकों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा उनसे 20 हजार रुपये की राशि वसूल कर जिला बाल श्रम पुनर्वास कल्याण कोष में जमा कराई गई है।
मुक्त कराए गए सभी बच्चों का उनके नजदीकी विद्यालयों में नामांकन कराया गया है। साथ ही उन्हें श्रम संसाधन विभाग द्वारा 3000 रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई है तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्राप्त 25 हजार रुपये की राशि सावधि जमा कराई गई है, जो उन्हें 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्राप्त होगी।
अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों को दोबारा बाल श्रम में जाने से रोकने के लिए उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं जैसे राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और लेबर कार्ड से जोड़ा जा रहा है।
इस अवसर पर बेनीपुर, केवटी, बहादुरपुर और बहेड़ी प्रखंड के मुक्त बाल श्रमिकों को सहायता राशि स्वीकृति पत्र और स्कूल बैग भी प्रदान किए गए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम दो दिन धावा दल चलाकर बाल श्रम उन्मूलन की कार्रवाई करें और जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में कार्य करें।
ईंट भट्ठों सहित अन्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने और बाल श्रमिक मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका स्थान स्कूल व खेल के मैदान में है, न कि होटल, गैराज या फैक्ट्री में। सभी का दायित्व है कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।




