भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी छात्रों का स्वास्थ्य बिगड़ा, 11 सूत्री मांगों पर अड़े

- 72 घंटे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, कई छात्रों की हालत गंभीर
- एमएसयू ने प्रशासन पर लापरवाही और झूठे आश्वासन का आरोप लगाया
- 11 सूत्री मांगों के बिना लिखित आदेश नहीं, आंदोलन और तेज होगा
दरभंगा | RxTv BHARAT –– मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (एमएसयू) द्वारा चल रहा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों की 11 सूत्री मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी और वर्षों की अव्यवस्था के खिलाफ यह आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। लगातार 72 घंटे से अन्न–पानी त्यागकर धरने पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, लेकिन छात्र अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
इस आंदोलन का नेतृत्व भूख हड़ताली छात्र सह विश्वविद्यालय महासचिव आदर्श मिश्रा, उपाध्यक्ष एम.डी. सेराज, जे.एन. कॉलेज मधुबनी अध्यक्ष आनंद पासवान, एल.एन.जे. कॉलेज अध्यक्ष कुंदन भारती और छात्र नेता शिवम ठाकुर कर रहे हैं। छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष सत्ता या राजनीति का नहीं, बल्कि शैक्षणिक सुधार और छात्रहित के लिए निर्णायक आंदोलन है।
🔹 विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप
एमएसयू विश्वविद्यालय अध्यक्ष अनिश चौधरी, छात्र नेत्री रचना विभा झा, जिला उपाध्यक्ष राजेश मंडर, विश्वविद्यालय सचिव शिवम् प्रताप सिंह, बेनीपुर प्रखंड अध्यक्ष गौतम झा, कोषाध्यक्ष नारायण मिश्रा सहित कई छात्र नेताओं ने कहा कि कुलपति और DSW सिर्फ मौखिक आश्वासन देते रहे हैं जिन पर अब भरोसा संभव नहीं। प्रशासन की निष्क्रियता और वर्षों की लचर व्यवस्था ने छात्रों को भूख हड़ताल जैसे कठोर कदम पर मजबूर कर दिया।
🔹 एमएसयू की 11 सूत्री प्रमुख मांगें
- विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र को नियमित करने की मांग।
- छात्रसंघ चुनाव की तिथि अविलंब घोषित की जाए।
- सभी कॉलेजों में नए छात्रावास का निर्माण एवं बंद छात्रावासों को पुनः चालू करना।
- विवि परिसर में स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और छात्र प्रतीक्षालय की व्यवस्था।
- नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारू बनाना।
- कैंपस में सुरक्षा एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर तत्काल लिखित आदेश जारी नहीं किया, तो आंदोलन और व्यापक होगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन पर होगी। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएँ, पूर्व छात्र, सामाजिक संगठन और अभिभावक भी समर्थन में जुटे।
एमएसयू ने राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से भी हस्तक्षेप की अपील की है ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाबदेह बनाया जा सके और छात्रों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य से हो रही लापरवाही रोकी जा सके।
एमएसयू ने कहा कि यह आंदोलन मिथिला विश्वविद्यालय को सुधारने, व्यवस्थित करने और छात्रों को सम्मानजनक शैक्षणिक माहौल दिलाने की ऐतिहासिक लड़ाई है। जब तक 11 सूत्री मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगी।
🔹 मौके पर मौजूद प्रमुख छात्र
आदित्य कुमार, राजेश मंडर, शुभम ठाकुर, शिवम झा, प्रतीक सत्संगी, नारायण मिश्रा, अंकित झा, रणधीर बाबा,
कुंदन मिश्रा, सत्यम कुमार, श्रेया कुमारी, रिमझिम कुमारी, जिज्ञासा सत्संगी, रचना विभा झा, पिंटू यादव,
अमरेश कुमार, सत्यम मैथिल, संदीप सिंह, प्रशांत मैथिल सहित दर्जनों छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – जॉर्नलिस्ट रोहित , ब्यूरो दरभंगा
सूचना/विज्ञापन – 9472867520
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