दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुन्दरी देवी का निधन

दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुन्दरी देवी का निधन
मिथिला की मौन लेकिन सशक्त चेतना का अवसान
- 93 वर्ष की आयु में आज प्रातः 3 बजे हुआ निधन
- बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
- अंत्येष्टि संस्कार में भाजपा जिला अध्यक्ष सहित कई नेता रहे मौजूद
RxTv BHARAT, ब्यूरो दरभंगा
बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री माo दिलीप जायसवाल जी ने आज दरभंगा राज की अंतिम महारानी श्रीमती कामसुन्दरी देवी के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महारानी का निधन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक चेतना के एक पूरे युग का अवसान है।
अत्यंत दुःख और वेदना के साथ यह सूचना दी गई कि दरभंगा राज की अंतिम महारानी, स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी, महारानी श्रीमती कामसुन्दरी देवी का आज दिनांक 12 जनवरी 2026 को प्रातः तीन बजे स्वर्गवास हो गया। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1932 को मंगरौनी में हुआ था। 93 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर से न केवल दरभंगा, बल्कि संपूर्ण मिथिलांचल शोकाकुल है।
महारानी कामसुन्दरी देवी सादगी, सौम्यता, करुणा और गरिमा की प्रतीक थीं। राजपरंपरा की मर्यादाओं का पालन करते हुए भी वे सदैव लोकजीवन से जुड़ी रहीं। वैभव के बीच रहते हुए भी उनका जीवन संयम, त्याग और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण रहा। उनका व्यक्तित्व मौन रहते हुए भी समाज को दिशा देने वाला था।
महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन, दरभंगा की ओर से दिवंगत महारानी के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। फाउंडेशन परिवार ने शोकसंतप्त राजपरिवार एवं समस्त मिथिलावासियों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिरशांति की प्रार्थना की।
मंत्री दिलीप जायसवाल जी ने अंतिम महारानी के अंत्येष्टि संस्कार में उपस्थित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण मन्ना सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
भले ही महारानी श्रीमती कामसुन्दरी देवी आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, लेकिन उनके आदर्श, संस्कार और सादगी आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
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