कोचिंग संस्थान अब थानों की निगरानी में, छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू
मुख्य बिंदु
- कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य
- स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी
- अनुपस्थित छात्र की सूचना तुरंत अभिभावकों को
- CCTV और 30 दिन का बैकअप अनिवार्य
- सुरक्षा ऑडिट और काउंसलिंग व्यवस्था लागू
RxTv Bharat | पटना |15 फरवरी 2026
पटना: छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब राज्य के सभी कोचिंग सेंटर संबंधित थानों की निगरानी में रहेंगे। संस्थानों का विस्तृत रिकॉर्ड पुलिस के पास रखा जाएगा और पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
नए निर्देशों के अनुसार, कोचिंग संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी होगा। बिना सत्यापन और पंजीकरण कोई भी संस्थान संचालित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि इससे छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
छात्रों की उपस्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अगर कोई छात्र क्लास से अनुपस्थित या संदिग्ध रूप से गायब पाया जाता है, तो अभिभावकों को तुरंत सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए मोबाइल मैसेज या अलर्ट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाने का सुझाव भी दिया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से कोचिंग संस्थानों में CCTV कैमरे लगाना और कम से कम 30 दिनों का फुटेज बैकअप रखना जरूरी होगा। इसके अलावा समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाएगा। जिन कोचिंग संस्थानों में परिवहन सुविधा उपलब्ध है, वहां ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों को स्कूलों की तरह सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है, ताकि छात्रों और अभिभावकों दोनों का भरोसा कायम रह सके।




