केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : मेडिकल बिल रीइम्बर्समेंट लिमिट ₹10 लाख तक बढ़ी
CGHS कर्मचारियों को इलाज खर्च में मिलेगा बड़ा राहत, विभागाध्यक्ष करेंगे मंजूरी
RxTv BHARAT नई दिल्ली | 23 फरवरी 2026
● मेडिकल रीइम्बर्समेंट सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख
● अब विभागाध्यक्ष बिना IFD अनुमति केस निपटा सकेंगे
● CGHS/CS(MA) नियमों के तहत कर्मचारियों को सीधा फायदा
RxTv BHARAT : केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए मेडिकल खर्च प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) की सीमा को दोगुना कर दिया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार अब इलाज के खर्च की मंजूरी ₹5 लाख के बजाय ₹10 लाख तक दी जा सकेगी।
इस फैसले के बाद मंत्रालयों और विभागों के प्रमुख बिना IFD की अतिरिक्त अनुमति के सीधे मेडिकल बिलों का निपटारा कर सकेंगे। इससे गंभीर बीमारी या बड़े इलाज के मामलों में कर्मचारियों को लंबी प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा और तेजी से भुगतान संभव होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा CGHS/CS(MA) निर्धारित दरों के तहत ही लागू होगी और नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। इस निर्णय से लाखों सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके परिवारों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मेडिकल लागत को देखते हुए यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए बेहद जरूरी था।
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